एक जनवरी-2016 से ऑनलाइन हुए पारिवारिक लाभ योजना देने की प्रक्रिया में बाबू की लापरवाही 1350 आवेदकों पर भारी पड़ गई। इसके चलते आवेदन के दस माह बाद भी वे पेंशन को तरस रहे हैं। अफसरों की कड़ाई के बाद आखिरकार इनमें से 248 के आवेदनों को पीएफएमएस रेस्पोंस मिल गया है। इन सभी को इसी सप्ताह तक पेंशन मिल जाएगी। शेष अभी भी कतार में हैं।
पारिवारिक लाभ योजना को एक जनवरी 2016 से ऑनलाइन किया गया था। इस प्रक्रिया में आए सभी 1350 आवेदनों की ऑनलाइन फीडिंग कर इन्हें पीएफएमएस(पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम) की जांच प्रक्रिया से गुजारना था, लेकिन समाज कल्याण विभाग के एक बाबू की लापरवाही से ऐसा न हो सका।
जून तक एक भी आवेदन ऑनलाइन फीड न होने पर समाज कल्याण अधिकारी की संस्तुति पर उस बाबू को सस्पेंड कर दिया गया। उसकी जगह आए बाबू व स्टॉफ से फीडिंग कराई गई। अब तक इनमें से एक हजार आवेदनों की फीडिंग हो सकी है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी नागेंद्र पाल सिंह ने बताया कि पीएफएमएस रेस्पोंस के बाद 248 आवेदकों का पैसा इसी सप्ताह उनके खातों में पहुंच जाएगा। शेष लाभार्थियों में से 200 लोगों के आधार कार्डों का इंतजार किया जा रहा है। अन्य आवेदनों को पीएफएमएस की स्वीकृति के लिए भेजा है। स्वीकृति मिलते ही इनके खातों में पैसा डाल दिया जाएगा।