एएमयू में फायरिंग, आगजनी एवं एक पूर्व छात्र समेत दो युवकों की हत्या के मामले में जेल में बंद जोरेज के पत्र के बाद कैंपस में खलबली मच गई है। जेल से जोरेज का पत्र सामने आने के बाद गाजीपुर के छात्र भी गोलबंद होने लगे है। सोमवार को कैंपस में बैठक कर छात्रों ने कहा कि स्वयं जोरेज ने फोन कर मेहताब को बुलाया और उसकी हत्या करवा दी। छात्रों का कहना है कि जोरेज ने ही षडयंत्र रचकर हत्या कराई और उसके बाद कैंपस में आगजनी एवं तोड़फोड़ की घटनाओं को अंजाम दिलाया ताकि सीसीटीवी के साक्ष्य जलकर नष्ट हो जाए। बैठक में शामिल छात्र एएमयू के पूर्व प्रॉक्टर डॉ. आसिफ खान पर जोरेज एवं मोहसिन को प्रॉक्टर रहते संरक्षण देने एवं इस साजिश में शामिल होने की आशंका जताई है। छात्र इस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच की मांग कर रहे है ताकि सच्चाई सामने आए। शाहशांह का कहना है कि हम बड़े दुख के साथ कहना चाहे है कि इस तरह की साजिश रची गई तो इंतजामिया को इसकी जानकारी होनी चाहिए। छात्र महफुज खान का कहना है कि अगर इस घटना की जानकारी जोरेज को है तो पुरी घटना के पीछे पूर्व प्रॉक्टर डॉ. आसिफ खान व कुछ अन्य लोगों का हाथ है। इस संबंध में पूर्व प्रॉक्टर डॉ. आसिफ खान का कहना है कि उनपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद और सच्चाई से परे है। करीब छह महीने से पद पर नहीं है। जब प्रॉक्टर थे तो उनके पास सभी आते थे। उनके लिए जोरेज एवं मोहसिन अन्य हजारों छात्रों की तरह थे। पद छोड़ने के बाद किसी से दुआ-सलाम तक नहीं हुई।
पीवीसी पर जोरेज ने लगाया है गंभीर आरोप
अलीगढ़। जेल में बंद जोरेज ने अपने भाई के माध्यम से मीडिया के पास पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि पीवीसी एवं प्रॉक्टर वीसी की हत्या कराना चाहते है। इस आरोप के बाद कैंपस में खलबली मच गई है। इस संबंध में वीसी, पीवीसी एवं प्रॉक्टर से बात करने की कोशिश की गई लेकिन किसी से बात नहीं हो सकी। पीवीसी के बड़े भाई का निधन सोमवार सुबह हो गया। दुखद समाचार मिलते ही वे इलाहाबाद चले गए। एएमयू पीआरओ सलाहकार डॉ. राहत अबरार जोरेज के आरोप को बेबुनियाद मान रहे है। वीसी की तरफ से अभी तक कोई बयान नहीं आया है।