महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी द्वारा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का मानदेय न बढ़ाने तथा स्थाई न करने संबंधी बयान से कुपित आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सोमवार को कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कर सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने डीएम को प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मांगों के शीघ्र निस्तारण की मांग की।
आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिका वैलफेयर एसोसिएशन की अध्यक्ष कमलेश चौहान ने कहा कि मंत्री की घोषणा से देश की 24 लाख आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का भविष्य अंधकार में हो गया है। उन्होंने ज्ञापन की मांगों का खुलासा करते हुए कहा कि कार्यकत्रियों को नियमित कर, वेतनभोगी कर्मचारियों के अनुसार वेतन मांग स्वीकृत की जाए। ग्राम स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यालयों की स्थापना की जाय, इंटरमीडिएट अथवा उससे ज्यादा शैक्षिक योग्यता रखने वाली कार्यकत्रियों को पदोन्नति देकर सुपरवाइजर बनाया जाए। ग्राम प्रधानों के साथ उनका खाता न खोला जाए, नियमावली बनाई जाए। नियमित होने तक कम से कम 15000 रुपये मानदेय दिलाया जाए। इस मौके पर कोषाध्यक्ष नीलम, मंत्री मीनाक्षी समेत अन्य ने विचार व्यक्त किये। धरना स्थल पर पहुंचे उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष सुरेद्र चौधरी एवं जिला मंत्री नेकराम शर्मा ने आंगनबाड़ियों की मांगो का समर्थन किया। इस मौके पर केएस शर्मा, देवेंद्र शर्मा, सुखवीर सिंह, प्रेमपाल, विमल सिंह, कमलेश सिंह, नीलम राघव, जीतेश, राजकुमारी, सत्यवती, रेखा सिंह, ऊषा शर्मा, रजनी, चंद्रकांता, कुसुम, संतोष, राविया आदि उपस्थित थे।