करीब ढाई लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घरों पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 2.31 लाख उपभोक्ताओं पर करीब 35 करोड़ रुपये विभाग का बकाया है। ऐसे में 13 मार्च से प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बिल शून्य होने पर आटो कट होना शुरू हो गया।
प्रीपेड स्मार्ट मीटर में ऑटो कट और बिल जमा होने के बाद रिकनेक्ट न होने से उपभोक्ताओं ने शनिवार को जमकर हंगामा मचाया था। जिसमें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को देर रात तक उपभोक्ताओं कसे समझाना पड़ा था। हंगामे के बाद बिजली विभाग बैकफुट पर आ गया और रविवार को एक भी कनेक्शन को आटो कट नहीं किया। वहीं शनिवार को भी उपभोक्ता बिल जमा करने के बाद भी कनेक्शन जुड़वाने को भटकते रहे। कर्मचारी मदद करते रहे मगर अफसरों ने उपभोक्ताओं का फोन नहीं उठाया।
विज्ञापन
जिले में कुल करीब साढ़े सात लाख उपभोक्ता हैं। करीब ढाई लाख से अधिक उपभोक्ताओं के घरों पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाया जा चुका है। 2.31 लाख उपभोक्ताओं पर करीब 35 करोड़ रुपये विभाग का बकाया है। ऐसे में 13 मार्च से प्रीपेड स्मार्ट मीटर का बिल शून्य होने पर आटो कट होना शुरू हो गया। दो दिनों में विभाग ने करीब 12 हजार उपभोक्ताओं की बिजली गुल कर दी। इन पर करीब 5.29 करोड़ बकाया था। साढ़े नौ हजार उपभोक्ताओं ने करीब 4.29 करोड़ रुपये बकाया जमा कर दिया। मगर इनमें से 20 फीसदी उपभोक्ताओं का कनेक्शन नहीं जुड़ पाया।
इसके पीछे बिजली विभाग के अधिकारी सर्वर में तकनीकी खामी का हवाला दे रहे है। इस खामी के कारण शनिवार को शहर के सभी बिजली घरों पर हंगामा, ताला लगाने और बिजली काटने की घटना हुई थी। शनिवार की रात को रावणटीला पर पहुंच कर एक्सईएन मो. इमरान ने उपभोक्ताओं की बिजली कनेक्शन जोड़वा कर शांत किया था। रविवार को एक भी कनेक्शन का आटो कट नहीं हुआ। मगर उपभोक्ता बिजली जुड़वाने के लिए उप केंद्रों पर दौड़ते रहे।
विज्ञापन
चरमराई बिजली व्यवस्था सही करने का अल्टीमेटम
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल की बैठक रेलवे रोड समर्पण कांपलेक्स में रविवार को हुआ। प्रांतीय महामंत्री एवं महानगर अध्यक्ष सतीश माहेश्वरी ने कहा कि कहा कि विभागीय अव्यवस्था के कारण जनता परेशान हो रही है। चरमराई बिजली व्यवस्था को सही नहीं किया गया तो आंदोलन करेंगे। इस मौके पर घनश्याम दास जैन, किशन गुप्ता, संजय वार्ष्णेय, दीपक अग्रवाल, अरविंद बंसल, अनुपम वार्ष्णेय, विवेक शर्मा, मनीष आदि मौजूद रहे।