अलीगढ़ में इगलास के बहुचर्चित सादाबाद की बच्ची संग मौसेरे भाई द्वारा दुष्कर्म किए जाने और बाद में मौसी के उत्पीडऩ से बच्ची की मौत के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। एडीजे विशेष पॉक्सो तृतीय वीरेंद्र नाथ पांडेय की अदालत से दुष्कर्म पीडि़त बच्ची की गैर इरादतन हत्या की दोषी मौसी को दस वर्ष कैद व जुर्माने की सजा सुनाई है। बता दें कि इस मामले में दुष्कर्म के आरोपी की बाद में बीमारी के चलते मौत हो गई थी।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी संजय शर्मा व लव कुमार बंसल के अनुसार घटनाक्रम 2020 का है। सादाबाद हाथरस के मजदूर की पत्नी की जनवरी 2020 में मौत के बाद उसके दो बेटे व दो बेटियों के लालन-पालन का संकट आ गया। इसी बीच जुलाई में इगलास क्षेत्र बच्चों की मौसी मीनेश देवी उर्फ मीरा चारों बच्चों को अपने साथ ले आई। कुछ दिन बाद दोनों बेटों को वापस उनके गांव छोड़ दिया गया, जबकि चार और 13 वर्ष की बेटियों को अपने साथ रख लिया था। इसी दौरान बच्चियों के पिता को जानकारी मिली कि उनकी छोटी बेटी संग गलत हरकत हुई है।
पिता ने 17 सितंबर 2020 को पुलिस को जानकारी दी और बताया कि चार वर्ष की बेटी संग सगे मौसेरे भाई ने दुष्कर्म किया और उसे शौचालय में बंद कर दिया गया। इस दौरान पुलिस हरकत में आई तो जांच के दौरान बच्ची के प्राइवेट पार्ट में कीड़े पड़ गए थे। उसे भूखा-प्यासा रखा। गंभीर हालत में उसे जेएन मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया, जहां से दिल्ली के अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां चार अक्टूबर को बच्ची की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सादाबाद में जाम लगाकर प्रदर्शन किया।
इस मामले में प्रारंभिक स्तर पर पुलिस लापरवाही के आरोप में तत्कालीन इंस्पेक्टर इगलास प्रवीण कुमार मान को निलंबित किया गया और मुकदमा दर्ज कर आरोपी मौसेरे भाई को हिरासत में लेकर आगरा बाल सुधार गृह भेज दिया था। जहां मानसिकर रूप से कमजोर आरोपी की भी मौत हो गई। इस मामले में बच्ची की गैर इरादतन हत्या की आरोपी मौसी मीनेश को दोषी करार देकर दस वर्ष कैद व 21 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।