कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों को जल्दी स्वस्थ होने के लिए संतुलित एवं पौष्टिक भोजन बहुत जरूरी है। एक व्यस्क व्यक्ति को प्रति दिन करीब 45 से 60 ग्राम या उससे कुछ अधिक प्रोटीन की जरूरत होती है। इसके साथ ही कैलोरी का भी ख्याल रखना होता है।
कोरोना वायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। बहुत सारे संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में रहना पसंद कर रहे हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार जनपद में अब तक 2,748 लोग होम आइसोलेट हो चुके हैं, जिसमें से 2012 स्वस्थ हो चुके हैं। वर्तमान समय में 736 लोग होम आइसोलेशन में है। होम आइसोलेशन में रह रहे लोगा भोजन तालिका को लेकर परेशानी में रहते हैं। सभी के मन में यह प्रशभन उठता है कि संक्रमण के समय में हमारा भोजन कैसा होना चाहिए ताकि जल्दी से उसका फायदा उठाकर स्वस्थ हो सकें। जेएन मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड की भोजन तालिका बनाने में सहयोग करने वाली डाइटिशियन मुमताज फातिमा कहती हैं कि संक्रमित मरीजों के भोजन उम्र, वजन, बीमारी आदि परिस्थितियों को देखकर तैयार किया जाता है। वह कहती हैं कि मरीजों के भोजन में सबसे ज्यादा जरूरी प्रोटीन की मात्रा है। व्यक्ति के वजन के आधार पर प्रोटीन का निर्धारण होता है।
60 किलोग्राम के संक्रमित व्यक्ति को 45 से 60 ग्राम तक प्रतिदिन प्रोटीन चाहिए। अंडा, मछली, दूध, दही, पनीर, दाल, चना, रजमा, हरी सब्जी, सोयाबीन, फल, ड्राई फ्रूट्स आदि प्रोटीन के अच्छे स्रोत होते हैं। एक अच्छे क्वालिटी के अंडे में छह ग्राम प्रोटीन मिलता है। वह कहती हैं कि प्रोटीन के साथ कैलोरी एवं फाइबर आदि का भी ध्यान रखना चाहिए। नाश्ते में अंडा, दूध, रोटी, ब्रेड, दलिया, पोहा आदि ले सकते हैं। खाने में दाल, रोटी, हरी सब्जी, चावल, मुर्गा, मछली आदि ले सकते हैं। रात्रि का भोजन 8 से 8.30 बजे तक लें, ताकि पचने का समय मिले। रात्रि में देरी से और ज्यादा भोजन करने से सांस फूलने या बेचैनी की शिकायत हो सकती है। सबसे जरूरी है कि सोने से पहले एक गिलास दूध में एक चुटकी हल्दी डालकर लें। सुबह गुनगुना पानी अवश्य पिएं। नाश्ते एवं दिन के भोजन एवं दिन के भोजन एवं रात के भोजन के बीच फलों के जूस, ड्राई फ्रूट्स, हर्बल टी आदि का सेवन कर सकते हैं। पानी खूब पिएं।
होम आइसोलेशन एक जिम्मेदारी है : डॉ. विकास
डॉ. विकास मेहरोत्रा कहते हैं कि होम आइसोलेशन एक जिम्मेदारी है। अपने परिवार, समाज एवं देश के प्रति। जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगे तो सफलता मिलेगी। वह कहते हैं कि संक्रमित मरीजों को चाहिए कि कम से कम 7 से 8 घंटा सोएं। पानी व दूध का खूब सेवन करें। ऑक्सीजन आदि को दिन में तीन बार चेक करें। सांस या किसी तरह की परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। प्रचूर मात्रा में साबुत अनाज चना, गेहूं, चावल, राजमा, हरी सब्जी, लहसुन, फल, नींबू, अदरक आदि खाएं। मैदा, चीनी, तली हुई चीजों एवं डिब्बा बंद खाद्य पदार्थों से परहेज करें। जरूरी जांचें कराते रहें। कमरे, बाथरूम, दरवाजे के हैंडल आदि की सफाई करते रहें। कूड़ा निस्तारण का अलग इंतजाम करें।
अपना मास्क हमेशा सही ढंग से पहनें
सीएमओ कार्यालय में एक चिकित्सक के साथ-साथ उनके कमरे में बैठने वाले चार लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ गए। इसी तरह एसबीआई शाखा में एक के संक्रमित होने के बाद करीब बीस लोग चपेट में आए। रिश्तेदारों के संपर्क में आकर भी बड़ी संख्या में लोग संक्रमित हो रहे हैं। सामान्यत: हम सोचते हैं कि रिश्तेदार से मास्क लगाकर बात करने की आवश्यकता नहीं। यही कारण है कि संक्रमित लोगों में युवाओं की संख्या करीब आधी है। आईडीएसपी के जिला डॉटा मैनेजर पुष्पेंद्र शर्मा ने बताया कि कोरोना फैलने का मुख्य कारण है सह कर्मचारी, दोस्त एवं रिश्तेदार से बिना मास्क पहने बातचीत करना। पुष्पेंद्र सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को आगाह कर रहे हैं कि अपना मास्क हमेशा सही ढंग से पहनें।