विधानसभा चुनाव में ड्यूटी निभाने के लिए नियत कार्मिक प्रशिक्षण को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। मंगलवार से विवेकानंद एवं कृष्णा इंटर कॉलेज में जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान 98 कार्मिक एवं खैर और कोल के चार सेक्टर मजिस्ट्रेट अनुपस्थित रहे । इनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने प्रशिक्षण कार्य का प्रश्नोत्तरी के माध्यम से जानकारी कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
मुख्य विकास अधिकारी अंकित खंडेलवाल ने कहा कि निर्वाचन से जुड़े सभी कार्यों को आसानी से और बेहतर तरीके से करने के लिए सबसे जरूरी यह है कि उसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी हो। इसलिए सभी जोनल व सेक्टर मजिस्ट्रेट यह सुनिश्चित कर लें कि उनके दायित्वों की जानकारी एकदम सही सटीक हो। मतदान के दौरान पीठासीन के लिए निर्धारित उत्तरदायित्वों की जानकारी विस्तारपूर्वक प्राप्त करें। यदि कहीं भी कोई भ्रांति हो तो उसे बार बार पूछें । परियोजना निदेशक भालचन्द त्रिपाठी को निर्देशित किया कि सेक्टर मजिस्ट्रेट चुनाव से संबंधित आवश्यक दिशा निर्देशों की संक्षिप्त पुस्तिका उपलब्ध कराएं।
उन्होंने कहा कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट आपस में ग्रुप बनाकर उसी प्रकार प्रशिक्षण लें जैसे पोलिंग पार्टी द्वारा प्रशिक्षण प्राप्त किया जाता है। जिला निर्वाचन अधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने कहा कि सभी सेक्टर मजिस्ट्रेट भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी निर्देशों से अपडेट होकर अक्षरश: अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने विधानसभा सामान्य निर्वाचन-2022 को तकनीकी पर आधारित चुनाव बताते हुए अधिकारियों से अपेक्षा की कि जिले में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण माहौल में निर्वाचन संपन्न कराने के लिये निष्पक्ष होकर पारदर्शिता के साथ अपने दायित्वों को निभाएं।
जिला कृषि अधिकारी डॉ. रामप्रवेश ने बताया कि कृष्णा इंटरनेशनल कॉलेज में हुए प्रशिक्षण में दोनों पारियों में 38 कार्मिक अनुपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि विवेकानन्द कॉलेज में खैर विधानसभा के 49 एवं कोल विधानसभा के 37 सेक्टर मजिस्ट्रेट ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण में दोनों विधानसभाओं से 2-2 सेक्टर मजिस्ट्रेट अनुपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि अनुपस्थित कार्मिकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई कराई जा रही है।