गांधी नेत्र चिकित्सालय में आशा सुमन रसोई में बीस रुपये में मरीजों व तीमारदारों को भरपेट भोजन कराया जा रहा है। यह रसोई मरीजों, अस्पताल के डॉक्टरों व स्टाफ के बीच बेहद लोकप्रिय है। रसोई सुबह 11 से शाम 5 बजे तक खुलती है। थाली में रोटी, चावल, दाल, सब्जी, रायता आदि होता है। मौसम के हिसाब से सब्जियों का चयन किया जाता है।
गांधी नेत्र चिकित्सालय के वरिष्ठ सर्जन डॉ. अमित गुप्ता अपनी दिवंगत माता एवं सास की स्मृति में आशा सुमन रसोई संचालित करते हैं। तीन साल से यह रसोई संचालित हो रही है। पिछले वर्ष लॉकडाउन के दौरान एक महीने के लिए बंद हुई थी। इस रसोई में मरीज, तीमारदार सहित चिकित्सालय के डॉक्टर एवं स्टाफ को मात्र 20 रुपये में भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाता है। स्थिति यह है कि चिकित्सक एवं स्टाफ खाना पैक कराकर अपने घर ले जाते हैं। डॉ. अमित गुप्ता की बिटिया को भी यहां का खाना पसंद है। डॉ. अमित गुप्ता कहते हैं कि चिकित्सालय में दूर-दूर से मरीज आते हैं। ऑपरेशन होने पर उन्हें यहां कई दिनों तक रहना पड़ता है। ऐसी स्थिति में मरीजों एवं तीमारदारों को भोजन में परेशानी होती थी। इसे देखकर रसोई का संचालन शुरू किया। डॉ. अमित कहते हैं कि वह बीस रुपये थाली इसलिए निर्धारित की है ताकि लोग यहां सम्मान से खाना खाएं। कोई यह न समझे कि मुफ्त में खा रहे हैं।
वर्ष 2019-20 में आए थे एक लाख से अधिक मरीज
अलीगढ़। गांधी नेत्र चिकित्सालय के ओपीडी में 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच 1 लाख 1 हजार 669 मरीज पहुंचे। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी मधुप लहरी ने बताया कि इस अवधि में 15253 ऑपरेशन हुए हैं। आयुष्मान योजना के अंतर्गत 5559 ऑपरेशन अस्पताल में हुए हैं।