अलीगढ़ जिले में 27 मई 2021 की देर शाम लोधा के गांव करसुआ से जहरीली शराब कांड की नींव रखी गई। सुबह होते होते जहरीली शराब ने जिले में मौत का तांडव मचाना शुरू कर दिया। पोस्टमार्टम के अनुसार जरूर जिले भर में एक सप्ताह में मौतों की संख्या 106 रही, मगर 126 से अधिक मौतें जिले में हुईं। कुछ मौतें ऐसी थीं, जिनके शवों के पोस्टमार्टम नहीं हुए।
इस कांड में कुल 33 मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 29 चिह्नित मुकदमों की सुनवाई एडीजे-आठ की अदालत में चल रही है। जिनमें से कुछ गवाही में और कुछ गवाही पूरी होने के बाद बहस व निर्णय आदि की स्थिति में हैं। इन सभी मुकदमों में डीजीसी चौ.जितेंद्र सिंह, एडीजीसी अमर सिंह तोमर, कुलदीप तोमर, जेपी राजपूत व सुधांशु अग्रवाल अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे हैं। सोमवार या मंगलवार को इन मुकदमों में निर्णय आता है तो यह इस कांड के पहले मुकदमे होंगे, जिनमें निर्णय होगा।
खास बातें
- 33 मुकदमे इस कांड में दर्ज हुए
- 29 चिह्नित मुकदमे एक ही कोर्ट में
- 88 आरोपी इस कांड में जेल भेजे
- 12 लोगों को माफिया किया गया दर्ज
- 80 लोगों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई
- 74 लोगों पर गैंगस्टर में कार्रवाई की गई
- 75 करोड़ से अधिक की संपत्ति भी जब्त
- 82 दुकानों के लाइसेंस भी निरस्त किए
- 3 बड़ी व कई शराब फैक्टरी जब्त
- इस कांड में गांव करसुआ, रायट, अंडला, जवां, हैवतपुर, फतेह नगरिया, नंदपुर पला, पचपेड़ा, सांगोर, कौरह रुस्तमपुर, छेरत, शादीपुर, जट्टारी, रोहेरा, दरकन नगरिया, चंदनिया, धनीपुर, शीशियापाड़ा, महुआखेड़ा आदि में मौतें हुईं।
- इस कांड में जिन 80 आरोपियों को जेल भेजा गया। उनके विषय में प्रदेश स्तर पर आबकारी ने ब्लैक लिस्ट सूची जारी की है। ये सभी लोग अब देश-प्रदेश में कहीं भी आबकारी लाइसेंस आवेदन नहीं कर सकते और न बतौर सेल्समैन नौकरी कर सकते हैं।