वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी के तत्कालीन महानगर अध्यक्ष कमल सिंह ने न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें अतरौली ब्लॉक प्रमुख पति केहर सिंह और उनके भाई साहब सिंह पर आरोप था कि पला साहिबाबाद क्षेत्र के दो विद्यालयों में छात्रवृत्ति के नाम पर बड़े पैमाने पर धन का गबन किया गया था।
अलीगढ़ के चर्चित छात्रवृत्ति गबन मामले में अदालत ने अतरौली ब्लॉक प्रमुख के पति केहर सिंह और उनके भाई साहब सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिए हैं। अदालत ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जल्द से जल्द अदालत में पेश किया जाए।
विज्ञापन
वर्ष 2013 में आम आदमी पार्टी (आप) के तत्कालीन महानगर अध्यक्ष कमल सिंह ने न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें अतरौली ब्लॉक प्रमुख पति केहर सिंह और उनके भाई साहब सिंह पर आरोप था कि पला साहिबाबाद क्षेत्र के दो विद्यालयों में छात्रवृत्ति के नाम पर बड़े पैमाने पर धन का गबन किया गया था। तत्कालीन प्रधानाचार्य रमेश चंद्र के त्यागपत्र देने के बाद, जब वादी कमल सिंह ने आरटीआई के तहत दस्तावेज निकलवाए, तब इस वित्तीय फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ था।
पुलिस ने वर्ष 2014 में मामले में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद आरोपियों ने डीजीपी से मिलकर मामले की अग्रिम विवेचना के आदेश करवा लिए थे। अग्रिम विवेचना में पुलिस ने चार्जशीट को संदिग्ध बताते हुए कुछ बच्चों को गलत नाम से छात्रवृत्ति मिलने की बात कही। इसी आधार पर वर्ष 2024 में निचली अदालत ने दोनों भाइयों को प्राथमिकी से डिस्चार्ज कर दिया था और केवल पूर्व प्रधानाध्यापक के खिलाफ आरोप तय करने के आदेश दिए थे।
विज्ञापन
इस फैसले के खिलाफ अदालत में रिवीजन याचिका दाखिल की गई। कोर्ट ने याचिका को स्वीकार करते हुए पूर्व प्रधानाध्यापक पर चार्ज फ्रेम करने के आदेश को रद्द कर दिया और केहर सिंह व साहब सिंह के खिलाफ मुकदमा चलाने के स्पष्ट निर्देश दिए।अदालत के ताजा आदेश के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। कोर्ट द्वारा दोनों भाइयों के खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किए जाने के बाद, पुलिस अब इनकी धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है।