प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि एएमयू केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक, बौद्धिक और राष्ट्रीय विकास का सशक्त अध्याय है। विभाजन जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी विश्वविद्यालय की पहचान और विरासत सुरक्षित रही।
एएमयू के गौरवशाली इतिहास को नया दस्तावेज मिल गया है। यह बात प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने कही। वह बृहस्पतिवार को सर सैयद एकेडमी में पुस्तक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी : ए हिस्ट्री के लोकार्पण समारोह को संबोधित कर रहे थे।
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प्रो. इरफान हबीब ने कहा कि एएमयू केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं, बल्कि भारत के सामाजिक, बौद्धिक और राष्ट्रीय विकास का सशक्त अध्याय है। विभाजन जैसे चुनौतीपूर्ण दौर में भी विश्वविद्यालय की पहचान और विरासत सुरक्षित रही। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक विश्वविद्यालय के इतिहास के साथ-साथ उसके प्रशासन, शैक्षणिक विकास और समाज पर पड़े प्रभाव का भी प्रामाणिक दस्तावेज है। राष्ट्र निर्माण में एएमयू की भूमिका सदैव महत्वपूर्ण रही है और आने वाली पीढ़ियों के लिए इस इतिहास का संरक्षित रहना आवश्यक है।
कार्यक्रम में पूर्व कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज, सहकुलपति प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, पुस्तक के लेखक डॉ. शमीम अख्तर तथा इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. सैयद अली नदीम रेजावी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर कुलपति प्रो. नईमा खातून, सर सैयद एकेडमी के निदेशक प्रो. शाफे किदवई, डॉ. मोहम्मद शाहिद, डॉ. हुसैन हैदर सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।