अचलेश्वर महादेव मंदिर को ढहने से बचाने के लिए विश्व हिंदू परिषद के महानगर अध्यक्ष आलोक याज्ञनिक ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है। मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में याज्ञनिक ने कहा कि 19 मई की रात अचलेश्वर मंदिर का बड़ा हिस्सा अनेक मूर्तियां सहित अचल सरोवर में ढह गया था। नगर निगम द्वारा मंदिर के उस भाग को सहारा दे रही मिट्टी को हटा दिया गया था
। तेज वर्षा होते ही हटाई गई मिट्टी के कारण सहारे के अभाव में मंदिर का एक हिस्सा ढह गया। मंदिर के बचे हुए भाग के एक फर्श की 3.3 फीट लंबी स्लैब हवा में झूल रही है। सहारा देने के लिए उसके नीचे मिट्टी या कोई आधार नहीं है। यदि कुछ समय तेज बारिश हो गई तो मंदिर का गर्भ गृह एवं अचलेश्वर मंदिर के स्तूप एवं गुंबद का मुख्य भाग भी सरोवर में ढह जाएगा। विहिप अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि अचल सरोवर की ओर हवा में लटके हुए भाग को तुरंत बालू से भरी बोरियों या किसी अन्य प्रकार से सहारा दिया। वरना नगर निगम की भूल से तेज बारिश से अनिष्ट होने का भय बना रहेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री से अविलंब कार्यवाही की गुहार लगाई है ताकि समय रहते संभावित हानि को दूर किया जा सके।
भाजपा वोट के लिए मंदिर-मंदिर चिल्लाती है, फिर भूल जाती है : विवेक बंसल
बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुए अचलेश्वर महादेव मंदिर को देखने के लिए शुक्रवार को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के हरियाणा के प्रभारी विवेक बंसल अचल तालाब पहुंचे। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर हो रहे अचल सरोवर के सौंदर्यीकरण में चारों ओर बने मंदिरों की सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जा रहा है।
लापरवाही से किनारों से मिट्टी खोदी जा रही है। जिससे मंदिरों की नींव कमजोर हो रही है। यह भारतीय जनता पार्टी का मंदिरों के प्रति जिम्मेदारी का भाव है, जो लापरवाही के रूप में सामने आ रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा वोट लेने के लिए तो मंदिर मंदिर चिल्लाती है लेकिन उसके बाद भूल जाती है। अचलेश्वर महादेव जैसे सैकड़ों प्राचीन मंदिर देश के अंदर जीर्णोद्धार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। लेकिन भाजपा की सरकार को इस से कोई मतलब नहीं है।
इस अवसर पर पूर्व पार्षद विष्णु अग्रवाल, दिनेशचंद शर्मा, शोभित अग्रवाल आदि मौजूद थे ढ्ढ