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हर परिस्थिति से निपट सकती हैं महिलाएं

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कार्यक्रम में महिला को ताइक्वांडो की ट्रेनिंग देते ट्रेनर असरार अहमद। - फोटो : CITY OFFICE
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महानगर के स्वर्णजयंती नगर स्थित औरा पर्ल अपार्टमेंट में ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान’ के तहत शुक्रवार को महिलाओं को अपनी सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने व विपरीत परिस्थितियों से निपटने के तौर-तरीके सिखाए गए। इस कार्यक्रम में सभी महिलाओं ने काफी उत्साह से हिस्सा लिया। ताइक्वांडो के मास्टर ट्रेनर असरार अहमद ने उन्हें कई जरूरी टिप्स दिए।
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अनेक महिलाओं ने सड़क पर चलते समय अपने मोबाइल व जेवरों की सुरक्षा को लेकर सवाल किए। इस पर मास्टर ट्रेनर ने बताया कि सड़क पर चलते समय अपने पर्स या मोबाइल को उस ओर न रखें जिधर यातायात हो। यदि यातायात दाएं हाथ से आवागमन कर रहा है तो आवश्यकता पड़ने पर मोबाइल को बाएं कान की ओर लगा कर बात करें। इसी प्रकार उन्होंने बताया कि यदि किसी पार्टी आदि में जा रहीं हैं तो सड़क पर जेवरों को साड़ी-दुपट्टे से ढक कर चलें। पार्टी में जाकर इसे हटा लें।
उन्होंने सिखाया कि कोई लुटेरा अगर उन्हें पीछे से जकड़ ले तो किस तरह उसको चित्त करें। यहां उन्होंने अपनी सहयोगी कौसेन खान के साथ शारीरिक अभ्यास के विभिन्न पैंतरों के जरिए महिलाओं को आत्मरक्षा के अनेक गुर सिखाए। महिलाओं ने रुचि दिखाते हुए कई तरीकों को दोबारा प्रदर्शित करवा कर देखा। कई महिलाओं ने इसका तत्काल अभ्यास भी किया। सभी प्रतिभागियों ने समय-समय पर इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन की जरूरत बताई।
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यह बोलीं महिलाएं
- इस कार्यक्रम से सीख लेकर शारीरिक और मानसिक रूप के साथ-साथ हम सभी महिलाएं अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान देंगी। - ममता गुप्ता।
- सुरक्षा के गुर समझ में आए हैं। आगे से इन सभी तकनीकों का प्रयोग कर खुद को सुरक्षित रखेंगे। - गीता गौतम।
- इस कार्यक्रम में आने से आत्मविश्वास बढ़ा। शारीरिक सुरक्षा के गुर के सीखने के साथ-साथ स्वस्थ रहने के लिए अब हम योग भी सीखेंगेे।- पल्लवी सिंह।
- कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने को मिला है। आगे से आसपास की गतिविधियों पर भी ध्यान रखेंगे। - शिल्पा अग्रवाल।
- ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों को भी सीखने को मिलता है। हम अपराजिता के कार्यक्रम आयोजित कराते रहेंगे। - भुवनेश।
- आत्मरक्षा एक बेहतर उपाय है। लड़कियों और महिलाओं को इस तकनीक को जरूर सीखना चाहिए। - नीतू कश्यप।
- अब हम ज्यादा सतर्क होकर रहेंगे। किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना पूरे आत्मविश्वास के साथ करेेंगे। - उषा हिंदुलिया।
- अपराजिता महिला सशक्तीकरण के लिए अच्छा कार्यक्रम है। अपने विद्यालय में भी आयोजित कराएंगे। - शिल्पी अनुज।
- महिलाओं घर के कार्यों में अधिक व्यस्त रहती हैं। फिर भी समय निकालकर ऐसे प्रशिक्षण में जरूर हिस्सा लेना चाहिए। - ममता राठी।
- समय खराब है। इस कारण अपने अपार्टमेंट के बच्चों को भी आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिलाएंगे। - सुमित्रा शर्मा।
- अमर उजाला का अपराजिता कार्यक्रम बहुत अच्छा है। मातृशक्ति के सशक्तीकरण लिए यह बहुत अनूठा प्रयास है। इसकी जितनी भी सराहना की जाय, कम है। ऐसे आयोजन होते रहने चाहिए ताकि महिलाएं अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहें। यदि कोई कठिन चुनौती उनके सामने आ भी जाय तो वे आत्मविश्वास के साथ उसका समाधान भी खोज सकें। जब महिलाएं सशक्त होंगी तो परिवार और समाज स्वत: मजबूत हो जाएगा। - राजेश भारद्वाज।
अपार्टमेंट में परिवार की तरह रहते हैं सभी
भाजपा के वरिष्ठ नेता राजेश भारद्वाज की बीएएम कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा विकसित यह प्रोजेक्ट वर्ष 2010 में शुरू हुआ। साल 2015 में यहां कब्जे देना शुरू कर दिया गया। आकर्षक व अच्छी हवादार इमारत, मंदिर, पार्किंग, चार गार्ड, सीसीटीवी कैमरे, दो लिफ्ट आदि सुविधाओं के साथ यहां 80 फ्लैट बने हुए हैं। वर्तमान में 70 परिवार यहां रहते हैं। स्वर्ण जयंती नगर जैसी पॉश कालोनी में यह अपार्टमेंट काफी प्रसिद्ध है। इसमें रहने वाली करीब 30 प्रतिशत महिलाएं नौकरी करती हैं। यहां सभी लोग एक बड़े परिवार की तरह पेश आते हैं। मिलजुल कर त्यौहार मनाने के अलावा धार्मिक आयोजन भी आपसी सहयोग से करते रहते हैं। सुख-दुख की घड़ी में एक-दूसरे का साथ निभाते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाएं।- फोटो : CITY OFFICE

 

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