महानगर के शिया-सुन्नी एवं अन्य धर्मों से जुड़े लोग आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मोहर्रम मनाएंगे। इसके साथ ही इमाम हुसैन के प्यार एवं मोहब्बत के पैगाम को जन-जन तक पहुंचाएंगे। शहर मुफ्ती मो. खालिद हमीद ने जुलूस में शामिल होने वाले लोगों से सड़क पर ट्यूब लाइट्स नहीं तोड़ने की अपील की।
शुक्रवार को एएमयू के ओल्ड ब्वायज एसोसिएशन की प्रेसवार्ता में शहर मुफ्ती मो. खालिद हमीद, शिया धर्मशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. अली मोहम्मद, करबला के केयर टेकर मुख्तार जैदी ने कहा कि मोहर्रम इमाम हुसैन की शहादत गम का दिन है। कोई ऐसा काम न करे, जिससे खुशी जाहिर हो। अंजुमन तंजीमुल अजा के महासचिव नादिर अब्बास नकवी ने कहा कि मुहर्रम आतंकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया जाएगा।
उन्होंने बताया कि सुबह 10 बजे एएमयू आफताब हाल स्थित बैतुल सलात से जुलूस निकाला जाएगा। शमशाद मार्केट पर तकरीर होगी। उसके बाद जुलूस जेल रोड, सिटी स्कूल, गूलर रोड, देहली गेट होते हुए शाहजमाल करबला पहुंचेगा। करबला में फाइनल स्पीच तीन बजे है। शहर मुफ्ती ने कहा कि जिला प्रशासन एवं नगर निगम का पूरा सहयोग मिल रहा है। किसी तरह की दिक्कत हो तो मजिस्ट्रेट को सूचित करें।
आयोजकों ने कहा कि नमाज के वक्त माइक बंद रहेंगे और सभी लोग नमाज में शामिल होंगे। मुख्तार जैदी ने कहा कि पूरे शहर से करीब 249 जुलूस निकाले जाएंगे। इस अवसर पर एएमयू ओल्ड ब्वायज के उपाध्यक्ष आजम मीर एवं महासचिव जानी भाई आदि मौजूद थे।