जिलाधिकारी अलीगढ़ चंद्रभूषण सिंह की पत्नी व कवयित्री डा. अंजना सिंह सेंगर के खाते में एक और उपलब्धि जुड़ गई है। हिंदुस्तान एकेडमी, प्रयागराज की ओर से उनको फिराक गोरखपुरी सम्मान से नवाजा गया है। अंजना सिंह सेंगर को यह पुरस्कार उनके गजल और नजम संग्रह ‘अगर तुम मुझसे कह देते’ के लिए मिला है। साथ ही उनको एक लाख रुपये का धनराशि पुरस्कार भी मिली है, जिसको उन्होंने नव साहित्यकारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए व उनकी रचना संग्रहों के प्रकाशन में सहयोग देने के लिए इस्तेमाल करने का एलान किया है।
उन्होंने कहा कि एक कलाकार को उसकी कला के लिए जो सम्मान मिलता है तो वह एक नई ऊर्जा, उमंग पैदा करता है, जिससे वह फिर से किसी अन्य रचना के लिए प्रेरित होता है। अंजना सिंह सेंगर का जन्म जालौन जिले के लिटावली में हुआ है, इससे पहले उन्होंने मन के पंख, जुगनू की जंग, उर्दू गजल संग्रह की रचना की है। कवयित्री ने बताया कि वह केंद्र सरकार की सेवा में थीं। साहित्य के प्रति रुचि के चलते उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर खुद को साहित्य के समुद्र में डुबो दिया। इसका ही परिणाम है कि उनकी रचनाओं को लोग पसंद करते हैं।