ग्रामीणों की मांग थी कि गौतस्कर खुलेअाम चुनौती देकर उसी स्थान पर संरक्षित पशु काटे है। उन्होनें गौतस्करों की गिरफ्तारी की मांग करने के साथ प्रभारी निरीक्षक गभाना के निलंबन करने की मांग करने लगे। इसी दौरान जाम में दो पशुआें से भरे कैंटर गाडी में तोडफोड़ कर दी । उन्होनें जमकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ भी नारेबाजी की। सूचना एसडीएम विनीत मिश्रा, सीओ संजीव तौमर ने जाम लगा रहे लोगों को समझाया लेकिन वह अपनी मांगों पर डटे रहे।
बाद में एसपी सिटी मृगांक शेखर पाठक ने भी खूब समझाया। लेकिन वह नहीं माने, एसएसपी संजीव सुमन, एडीएम प्रशासन पंकज कुमार भी मौके पर पहुंच गए। उन्होनें प्रभारी निरीक्षक गजेंद्र सिंह को निलंबित करने के साथ गौतस्करों की जल्द गिरफ्तारी करने की मांग पर करीब तीन घंटे बाद जाम खुल सका।भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्ण पाल सिंह, जिलामहामंत्री शिवनारायण शर्मा, जिलाउपाध्यक्ष गौरव शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। हाईवे पर वाहनों की लंबी लंबी लाइनें लग गई। एसएसपी संजीव सुमन ने बताया कि मामले में कठोर कार्रवाई की जायेगी। दोषियों को कतई बख्शा नही जायेगा।
गौ तस्करों ने गभाना में की घटनाऐं
- 8 जुलाई को सुमेरपुर के पास सरंक्षित पशुओं के अवशेष मिले
-21 नबंवर को पला सल्लू में सरंक्षित अवशेष
- 22 दिसंबर को तीन सरंक्षित पशुओं के अवशेष मिले