विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया सोमवार को पूरी कर ली गई। जांच के बाद 19 नामांकन पत्र अवैध पाए गए, जिन्हें निरस्त कर दिया गया। अब मैदान में कुल 81 प्रत्याशी शेष हैं। डिबाई के पूर्व विधायक गुड्डू पंडित और जेवर के पूर्व विधायक नरेंद्र का भी नामांकन निरस्त कर दिया गया है।
विधानसभा चुनावों के लिए अधिसूचना जारी होने के बाद 14 से 21 जनवरी तक नामांकन किए गए थे। 24 जनवरी को नामांकन पत्रों की जांच का समय निर्धारित था। इसी प्रक्रिया में सोमवार को अधिकारियों ने नामांकन पत्रों की जांच के बाद 19 फार्म को विभिन्न कारणों से निरस्त कर दिया। सपा से टिकट न मिलने पर पार्टी छोड़कर शिवसेना से चुनाव लड़ने का दम भरने वाले डिबाई के पूर्व विधायक गुड्डू पंडित का सपना एक बार फिर से चकनाचूर हो गया।
वहीं खुर्जा से सपा समर्थन होने का दावा करने वाले पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार का भी नामांकन निरस्त किया गया है। दोनों के नामांकन के साथ समर्थित दल का फॉर्म बी नहीं था। जिसके चलते उनका नामांकन निरस्त किया गया है। इसके अलावा कई प्रत्याशियों के नामांकन पत्र दो या इससे अधिक होने के बाद एक-एक स्वीकार करते हुए शेष को निरस्त करने की कार्रवाई की गई है। इस दौरान डीएम सीपी सिंह और एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निष्पक्ष रूप से नामांकन पत्रों की जांच प्रक्रिया पूरी की जाए।
विधानसभा प्रत्याशी निरस्त करने का कारण
बुलंदशहर तरीक खान तीन आवेदन होने के कारण दो निरस्त
स्याना बाबर फॉर्म 26 न होने के कारण
स्याना योगेश कुमार फॉर्म 26 न होने के कारण
स्याना जितेंद्र कुमार फॉर्म 26 न होने के कारण
स्याना आनंद फॉर्म 26 न होने के कारण
स्याना अनुज फॉर्म 26 न होने के कारण
अनूपशहर गजेंद्र प्रस्तावक के हस्ताक्षर न होने के कारण
डिबाई मलखान सिंह शपथ पत्र न होने के कारण
डिबाई कलियान शपथ पत्र न होने के कारण
डिबाई चंद्रभान शपथ पत्र न होने के कारण
डिबाई चरन सिंह शपथ पत्र न होने के कारण
डिबाई नरेश शपथ पत्र न होने के कारण
डिबाई भगवान शर्मा समर्थित दल का फॉर्म बी न होने के कारण
डिबाई संतोष राजपूत शपथ पत्र न होने के कारण
डिबाई सत्यपाल सिंह प्रस्तावक के हस्ताक्षर न होने के कारण
शिकारपुर लक्ष्मीकांत समर्थित दल का फॉर्म बी न होने के कारण
खुर्जा बंशी सिंह दो नामांकन होने के कारण
खुर्जा नरेंद्र कुमार समर्थित दल का फॉर्म बी न होने के कारण
खुर्जा प्रिंस प्रभाकर मतदाता सूची में नाम न होने के कारण
नामांकन पत्रों की जांच पूरी निष्पक्षता से की गई थी। जिस भी नामांकन में कमियां थीं, उन्हें ही निरस्त किया गया है।
- चंद्र प्रकाश सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी