सचिन राघव के साथ सवर्ण समाज के लोग
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क्षत्रिय युवा करणी सेना के जिलाध्यक्ष सचिन राघव के साथ हुई मारपीट के मामले में बृहस्पतिवार को सवर्ण समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता एसपी सिटी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने घटना पर रोष जताते हुए आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस से घटना के पीछे के कारणों और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने कहा कि रोहिणी घावरी के समर्थन में क्षत्रिय समाज के युवाओं द्वारा आवाज उठाए जाने के बाद सामने आए घटनाक्रम को भी जांच में शामिल किया जाना चाहिए। उन्होंने आशंका जताई कि इसी पृष्ठभूमि में सचिन राघव को निशाना बनाया गया हो सकता है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कर घटना के पीछे किसी पूर्व नियोजित या संगठित कारण की भी पड़ताल करने की मांग की।
क्षेत्राधिकारी तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।लोकेश जादौन ने कहा कि विचारों की असहमति का जवाब हिंसा नहीं हो सकता। यदि घटना का संबंध रोहिणी घावरी के समर्थन में क्षत्रिय समाज की ओर से उठाई गई आवाज से है तो इस पहलू की भी जांच होनी चाहिए।
मुकेश रावल ने कहा कि क्षत्रिय और वाल्मीकि समाज के बीच किसी विवाद की जानकारी नहीं रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग दोनों समाजों के बीच दूरी बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने पुलिस से घटना में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की।