खैर तहसील के अंडला में बनने जा रहे डिफेंस कॉरिडोर के लिए जल्द ही 41 हेक्टेयर जमीन वहां के 106 किसानों से यूपीडा के नाम पर हस्तांतरित होने जा रही है। जिला प्रशासन ने बैनामा कराने की पूरी तैयारी कर ली है। एडीएम प्रशासन ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी और बैनामा कराने के लिए यूपीडा की ओर से नामित किए गए तहसीलदार खैर को पत्र जारी कर दिया है। इधर, अंडला में ही स्थित 45.829 हेक्टेयर कृषि विभाग की जमीन का भी लैंड यूज बदलकर डीएम ने सर्किल रेट तय कर दिया है। इसके आधार पर 13.56 करोड़ रुपये का स्टांप व निबंधन शुल्क तय हुआ है। इस जमीन को भी अगले सप्ताह तक यूपीडा को दे दिया जाएगा।
एडीएम प्रशासन देवी प्रसाद पाल ने बताया कि खैर के अंडला में डिफेंस कॉरिडोर की स्थापना के लिए 41 हेक्टेयर के मालिक करीब 106 किसानों ने अपनी जमीन तय सर्किल रेट से दोगुने दामों पर देेने की सहमति दे दी है। इधर, कृषि विभाग की 45.829 हेक्टेयर भूमि के भी स्टांप एवं निबंधन शुल्क तय हो गए हैं। जल्द ही इस पूरी जमीन को यूपीडा को दे दिया जाएगा। किसानों से बैनामे कराने की तैयारी पूरी हो गई है।
दिवाली के बाद वर्ष भी बीतने की ओर
डिफेंस कॉरिडोर के संबंध में यूपीडा के कार्यपालक अवनीश अवस्थी ने अगस्त में दावा किया था कि दिवाली तक यहां पर भूमि पूजन होने के साथ ही डिफेंस कॉरिडोर के लिए इकाइयां स्थापित होने का काम शुरू हो जाएगा। मगर, किसानों के द्वारा अपनी जमीन देने के एवज में चार गुना मुआवजा देने की मांग रखने के चलते मामला अड़चनों के बीच फंस गया। प्रशासन ने डिफेंस कॉरिडोर के विस्तारीकरण को अंडला से हटकर जिले में अन्य स्थानों पर भी जमीन की तलाश शुरू की। इसके बाद कोल तहसील के करसुआ और ख्यामई में जमीन की तलाश की गई। इस पूरी प्रक्रिया दिवाली तो छोड़ो अब यह वर्ष भी बीतने की ओर है। अभी तक जमीन अधिग्रहण का काम ही पूरा नहीं हो सका है।