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एएमयू वीसी को ‘संघ का प्रेम पत्र’ लिखने पर सांसद घिरे

Wed, 24 Feb 2016 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
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पहले हैदराबाद यूनिवर्सिटी हैदराबाद, फिर जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी नई दिल्ली और अब अलीगढ़ मुसलिम यूनिवर्सिटी अलीगढ़। हैदराबाद यूनिवर्सिटी और जेएनयू इंतजामिया को भाजपा नेताओं द्वारा देश विरोधी गतिविधियां संचालित होने के पत्र लिखे गए थे। ऐसा ही एक पत्र अब अलीगढ़ के सांसद ने एएमयू वीसी को लिखा है।
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सांसद सतीश गौतम ने एएमयू के कुलपति सेवानिवृत्त ले जनरल जमीरउद्दीन शाह को पत्र लिख कर एएमयू में आरएसएस, भाजपा और नरेंद्र मोदी सरकार विरोधी कार्यक्रमों को रोकने की मांग की है। सांसद ने कहा है कि जेएनयू में हुआ घटनाक्रम ताजा उदाहरण है, इसलिए देशविरोधी बयानों, गतिविधियों और अभिव्यक्ति की आजादी के नाम पर ऐसे कार्यक्रमों को रोके ।

सांसद के इस पत्र के सार्वजनिक होने के बाद भाजपा विरोधी सभी दलों के नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया है। और आरएसएस पर बैन लगाने की मांग की है। गैरभाजपाई नेताओं ने कहा है कि एएमयू की स्वायतता पर कोई भी हमला बर्दाश्त के बाहर है।
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सांसद एएमयू के शैक्षणिक कार्यक्रमों और प्रगतिशील विचाराधारा के बीच में न आएं। एएमयू की स्वायतता से बढ़ कर कुछ नहीं है। इस मुद्दे पर यहां पर बेवजह राजनीति न करें। एएमयू ने विश्व स्तर पर अपना मुकाम स्थापित किया है। यहां कौन आएगा और कौन नहीं..? इसका फैसला भी एएमयू को ही करना है। सांसद इसके लिए अपनी बेमतलब की राय न दें।
-विवेक बंसल,
कांग्रेस प्रवक्ता

आरएसएस ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को मारने वाले गोड़से जैसे लोगों को आगे बढ़ाया है। आरएसएस पर बैन लगना चाहिए। सांसद एएमयू को राय न दें। अगर वो एएमयू में पढ़े होेते तो उन्हें कुछ मालूम होता यहां कैसा माहौल है..? अगर उन्होंने एएमयू पर कुछ भी थोपने का प्रयास किया तो एएमयू छात्रों के साथ सपा भी सड़कों पर उतर कर करारा जवाब देगी।
-अज्जू इसहाक, सपा महानगर अध्यक्ष

एएमयू का गरिमामयी इतिहास देश की आजादी से जुड़े कई किस्सों को समेटे हैं। ये गरीब भारत के आधुनिक भारत बनने की दास्तान अपने आप समेटे है। ऐसे विश्वस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों की स्वयतता को लेकर कुछ भी कहना उचित नहीं है। कोई भी राजनीतिक दल शिक्षण संस्थाओं में दखलदांजी न करे। अगर ऐसा हुआ तो जनता खुद ही मुंह तोड़ जवाब देगी।
-रामकुमार शर्मा,
 बसपा नेता

सांसद सतीश गौतम ने वीसी को जो पत्र लिखा है उस बारे में बहुत नहीं जानता हूं। लेकिन किसी भी विवि के कार्यक्रम क्या होंगे..? वहां कौन जाएगा..? अतिथि कौन होगा..? ये विवि इंतजामिया को ही तय करने दें। इसमें दखलंदाजी ठीक नहीं है। राजनेताओं को अपने दायरे का भी ख्याल रखना चाहिए। बेवजह माहौल बिगाड़ना उचित नहीं है, इससे गलत संदेश जाते हैं।
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-ठा. दलवीर सिंह, रालोद विधान मंडल दल के नेता

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