फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नमामि गंगे से गंगा की सफाई नहीं दलालों की कमाई हो रही

Wed, 24 Feb 2016 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
मैगसेसे पुरस्कार से सम्मानित राजेन्द्र सिंह ने नमामि गंगे अभियान को असफल बताते हुए प्रधानमंत्री की नीयत पर सवाल उठाए हैं। साथ ही धान के उत्पादन की एक सीमा निर्धारित करने की वकालत की है।
विज्ञापन

 
अलीगढ़ में एक कार्यक्रम में भाग लेने आए जल पुरुष ने क हा कि लोकसभा चुनाव की हर रैली में नरेंद्र मोदी ने खुद को गंगा का बेटा बताया। गंगा के इस बेटे ने गंगा के लिए अभी तक कुछ भी सार्थक पहल नहीं की है। नमामि गंगे अभियान में गंगा की सफाई के लिए जो बजट आ रहा है वह दलालों की जेब में जा रहा है।

जल पुरुष राजेेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री पर कटाक्ष करते हुए वह कहते हैं कि चुनाव से पहले गंगा की सफाई को मुद्दा बनाने वाले प्रधानमंत्री अब गंगा को भूल गए हैं। गंगा ने तीन प्रधानमंत्री दिए हैं। राजावी गांधी और मनमोहन सिंह भी गंगा को निर्मल बनाने के वादे के साथ आए थे। तीनों ही प्रधानमंत्री ने अपना वादा नहीं निभाया।
विज्ञापन


जल संकट पानी के बेशुमार दोहन पर चिंता जताते हुए राजेन्द्र सिंह ने कहा कि यही हाल रहा तो कुछ सालों में ही पूरा यूपी ही नहीं पूरा देश बुंदेलखंड बन जाएगा। सरकार और आम आदमी सभी को तुरंत चेतने की जरूरत है। उनका कहना था कि एक चीनी के लिए 440 लीटर पानी खर्च हो रहा है। ऐसे में धान की फसल का रकबा राज्य सरकारों को फिक्स करना होगा। ऐसा न करने पर परिणाम घातक होंगे।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें