अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति जमीरउद्दीन शाह को उपद्रवियों से खतरा है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट के बाद एएमयू में खलबली मच गई है। प्रॉक्टर आफिस द्वारा विशेष सावधानी बरती जा रही है। वीसी लॉज के पास पीएसी के अतिरिक्त प्रॉक्टोरियल टीम द्वारा भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
23 अप्रैल को एएमयू प्रॉक्टर ऑफिस, डीएसडब्लू ऑफिस, गेस्ट हाउस नंबर दो के साथ-साथ वीसी लॉज के पास भी उपद्रवियों ने जमकर आगजनी एवं उत्पात मचाया था। उस काली रात को फायरिंग में घायल एएमयू के पूर्व छात्र मेहताब एवं वाकिफ की मौत उपचार के दौरान हो गई थी। उपद्रवियों ने वीसी लॉज के पास लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया था। इसके साथ ही वीसी लॉज के सामने आगजनी एवं पथराव की घटना को भी अंजाम दिया था। घटना के बाद से ही वीसी लॉज के आसपास आरएएफ के जवान तैनात कर दिए गए थे। आरएएफ के जाने के बाद से पीएसी के जवान 24 घंटे के लिए तैनात है। खुफिया विभाग की रिपोर्ट में वीसी के जान को खतरा से संबंधित रिपोर्ट भेजी गई हैै। सूत्रों की माने तो इस सूचना के बाद वीसी लॉज के पास तीन शिफ्ट में अलग-अलग सुपरवाइजर के साथ ही प्रॉक्टर आफिस द्वारा सुरक्षाकर्मी बढ़ा दिए गए है। पीएससी के जवान भी वीसी लॉज के पास तैनात है। एएमयू में प्रवेश के लिए मुख्यत: तीन गेट बाब-ए-सैयद, चुंगी गेट एवं डेंटल कॉलेज है। इन तीनों मुख्य प्रवेश द्वार के अतिरिक्त कैंपस के अन्य स्थानों पर चेकिंग एवं पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। हालांकि वीसी को जान से खतरा से संबंधित रिपोर्ट की अधिकारिक पुष्टि करने को कोई तैयार नहीं है। एएमयू पीआरओ सलाहकार डॉ. राहत अबरार कहते हैं कि 23 अप्रैल की रात्रि में वीसी लॉज के पास सीसीटीवी कैमरा तोड़े गए थे। लेकिन खुफिया रिपोर्ट में खतरा से संबंधित जानकारी उनके पास नहीं है। थाना सिविल लाइन इंस्पेक्टर इस तरह की जानकारी से अनभिज्ञता जता रहे है। उल्लेखनीय है कि एएमयू वीसी पर पहले भी हमले की घटना हो चुकी है। पूर्व कुलपति प्रो. पीके अब्दुल अजीज के समय में तो उपद्रवियों ने वीसी लॉज में आग लगा दी थी, जिसमें लाखों की संपत्ति जल कर खाक हो गई थी। कुलपति डॉ. महमूद उर रहमान के कार्यकाल में उन पर हमले हुए थे।