अलीगढ़। फेडकूटा की अध्यक्ष प्रो. नंदिता नारायण ने एएमयू कुलपति जमीरुद्दीन शाह को माफिया डॉन करार देते हुए उनकी काली करतूतों और भष्ट्राचार के मामलों के तहत तुरंत जेल भेजे जाने की मांग की है। नंदिता नारायण अमुटा द्वारा चलाये जा रहे दो दिवसीय धरने को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि जमीरउद्दीन शाह कुलपति बनने लायक नहीं हैं। ये देश का दुर्भाग्य है कि उच्च शिक्षा और माध्यमिक शिक्षा प्रणाली को बर्बाद करने की साजिश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हो रही है। देश में औद्योगिक घराने शिक्षा की दिशा तय कर रहे हैं।
गौर हो कि एएमयू की जमीनों को निजी हाथों में जाने से रोकने, शिक्षक समस्याओं के निराकरण और अमुटा सचिव मुस्तफा जैदी के मनमाने निलंबन की अविलंब वापसी की मांग को लेकर धरना किया गया था। दूसरे दिन फेडरेशन ऑफ सेंट्रल यूनिवर्सिटीज टीचर्स एसोसिएशन, आल इंडिया फेडरेशन ऑफ़ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर्स आर्गेनाइजेशन, दिल्ली यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन, जामिया टीचर्स एसोसिएशन दिल्ली सहित अन्य संगठनों के पदाधिकारियों ने पहुंच कर इस संघर्ष में पूरा साथ देने का भरोसा दिलाया।
जामिया टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. बादशाह आलम ने कुलपति को चेतावनी दी कि अगर मुस्तफा जैदी का निलंबन शीघ्र वापस नहीं लिया जाता है तो भारत के तमाम शिक्षक संगठनों द्वारा मिल कर कुलपति के विरुद्ध राष्ट्रीय आंदोलन होगा। कुलपति चंद स्वार्थी एवं चाटुकार टाइप के शिक्षकों के बल पर एएमयू को नहीं चला सकते हैं।
पूर्व सांसद एवं एएमयू की एग्जीक्यूटिव काउंसिल में विजिटर नॉमनी वसीम अहमद ने एएमयू कु पति को तानाशाह बताते हुए कहा कि जमीरुद्दीन शाह पहले दिन से ही मनमाने तरीके से विवि के तमाम कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए प्रशासन चलाना चाहते हैं जिसकी रिपोर्ट उन्होंने राष्ट्रपति को सौंप कर उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्राक्टर डॉ. एम आसिफ खान को इसी स्टाफ क्लब में ही उन्होंने बुरी तरह से पीटा था। 1990 के दौर में आसिफ एक क्रिमिनल थे।
अमुटा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. नफीस अहमद ने कहा कि एएमयू प्रशासन कट्टेबाजों का इस्तेमाल छात्रों की जायज मांगों को दबाने के लिए करा रही है। ज्ञात हो की गत दिनों शासनिक भवन के सामने आंदोलित छात्रों के विरुद्ध प्रॉक्टर द्वारा कथित रूप से बाहरी कट्टेबाज़ों का इस्तेमाल किया गया था। अमुटा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हामिद अली ने कहा कि कुलपति लगातार मुस्लिम समुदाय के विरुद्ध बयान दे रहे हैं।
प्रो.अब्दुल कय्यूम ने कहा की मुस्तफ ा जैदी का सस्पेंशन पूरी तरह से गैरकानूनी है। उन्होंने प्राक्टर डॉ. एम आसिफ द्वारा कट्टा कल्चर को बढ़ावा दिए जाने की कड़ी निंदा की। अमुटा अध्यक्ष एवं फेडकुटा के उपाध्यक्ष प्रो. मुजाहिद बेग ने कहा की वह शिक्षकों की गरिमा की रक्षा के लिए बड़ी से बड़ी कुर्बानी देने को तैयार हैं और वह किसी कीमत पर एएमयू की जमीनों को निजी हाथ में नहीं जाने देंगे।