आनलाइन टीचिंग को मजबूत करने के लिए संबंधित शिक्षकों द्वारा ई-कंटेंट, ई-लैब परीक्षण तैयार करने और उन्हें वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्णय लिया। आनलाइन टीचिंग में आईसीटी और अन्य सुविधाओं का भरपूर उपयोग किया जाएगा। पाठ्यक्रम का 25 प्रतिशत भाग आनलाइन टीचिंग और 75 प्रतिशत भाग अन्य माध्यम (फेस टू फेस) से पूरा किया जाएगा। साथ ही हर छात्र को एक शिक्षक सलाहकार भी उपलब्ध कराया जाएगा।
परीक्षा नियंत्रक मुजीबुल्लाह जुबेरी ने बताया कि आनलाइन टीचिंग 31 मई तक जारी रहेगी। एक से 15 जून के बीच प्रोजेक्ट वर्क, असाइनमेंट, ई-लैब आदि को पूरा किया जाएगा। लॉकडाउन की अवधि में सभी छात्रों को उपस्थित माना जाएगा।
विभिन्न कोर्सों के टर्मिनल सेमेस्टर, अंतिम वर्ष में सम सेमेस्टर 2019-20 के छात्रों की परीक्षाएं एक जुलाई से ऑफलाइन तरीके से होंगी और इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा। कोविड-19 को ध्यान में रखते हुए थ्योरी और लैब परीक्षा का मूल्यांकन इंटरनल परीक्षक द्वारा किया जाएगा।
इसके अलावा शोध छात्रों के संबंध में यह निर्णय लिया गया कि लॉकडाउन की अवधि में उन्हें उपस्थित माना जाएगा। पीएचडी (सत्र 2019-20) में प्रवेश के लिए जून व जुलाई 2020 के ऑर्डिनेंस के अनुसार प्रस्तुतीकरण तथा साक्षात्कार कराया जाएगा। अभ्यर्थियों को 10-15 दिन का नोटिस दिया जाएगा।