23 अप्रैल की रात्रि में कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह भी उपद्रवियों के निशाने पर थे। फायरिंग, आगजनी एवं तोड़फोड़ करने वाले छात्रों ने वीसी लॉज पर लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए थे।
घटना के करीब पांच दिन बाद एएमयू इंतजामिया ने छात्र गुटों की तरफ से थाने में दर्ज एफआईआर एवं सीसीटीवी फुटेज से पहचान कर 12 छात्रों को जांच पूरी होने तक निलंबित कर दिया है। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर एवं अधीनस्थ संस्थानों में प्रवेश पर पाबंदी लगा दी है। प्रवोस्टों को निर्देशित किया गया है कि निलंबित छात्रों से तत्काल प्रभाव से कमरे खाली करा दे।
प्रॉक्टर कार्यालय द्वारा जारी निलंबित छात्रों की सूची में मोहम्मद मोहसिन इकबाल, फहीम अख्तर, अजहर अमानी वजीर, मोहम्मद सादिक, मोहम्मद सुहैब़, मोहम्मद आमिर खान, मोहम्मद जुरेज़, मोहम्मद आमिर खान उर्फ चौधरी, मोहम्मद खालिद अली, जैदुल इस्लाम शेरवानी, शाह जमा खान उर्फ शेखू तथा आमिर खान शामिल हैै। आरोप है कि निलंबित छात्र अपने 150 से अधिक सहयोगियों के साथ 23 अप्रैल की रात को प्रॉक्टर ऑफिस पर फायरिंग तथा आगजनी की घटनाओं में भाग लिया तथा प्रॉक्टर कार्यालय, डीएसडब्लू कार्यालय एवं यूनिवर्सिटी गेस्ट हाउस नंबर दो पर आगजनी की वारदात को अंजाम दिया। वीसी लॉज पर लगे सीसीटीवी कैमरे को तोड़ दिया। इसके अतिरिक्त अवैध हथियारों के प्रयोग से यूनिवर्सिटी कैंपस में भय एवं आतंक का माहौल उत्पन्न किया।
उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल की रात में एएमयू में उपद्रवियों ने जमकर आतंक मचाया था। फायरिंग में गोली लगने से दो युवक मारे गए थे। लाखों की संपत्ति के साथ-साथ महत्वपूर्ण कागजात जलकर खाक हो गए।
फिर से आरएएफ कैंपस में
एएमयू में उपद्रव की घटना के बाद से आरएफ को हटा लिया गया था। लेकिन अब फिर से हालात को देखते हुए एक कंपनी आरएएफ फिर से तैनात कर दी गई है। इसके अलावा दो कंपनी पीएसी पहले से ही तैनात है। कई थानों का पुलिस बल भी अभी एएमयू में तैनात है।