गाजीपुर निवासी पूर्व छात्र मेहताब एवं वाकिफ (एएमयू छात्र नहीं/निवासी बिहार) की हत्या के छह दिन बाद एएमयू कैंपस में छात्रों ने कैंडल मार्च निकालकर हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग की। इसके साथ ही एएमयू से कट्टा कल्चर के खात्मे एवं शांति के लिए दुआ की। छात्रों के सड़क पर उतरने से एएमयू ही नहीं बल्कि जिला प्रशासन एवं खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए है। छात्रों ने यह भी चेतावनी दी है कि मेहताब को न्याय नहीं मिला तो गाजीपुर के छात्र भूख हड़ताल कर इस मामले को प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर पर उठाएंगे।
शुक्रवार को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार गाजीपुर के सैकड़ों छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी परिसर स्थित कैंटीन से बाब-ए- सैयद तक कैंडल मार्च निकाला। उनके हाथों में मेहताब की तस्वीर लगा पोस्टर भी थे। कुछ लड़के कट्टा कल्चर खत्म करने एवं एएमयू में शांति बनाए रखने से संबंधित नारे लिखे तख्तियां लिए थे।
छात्रों का कहना था कि कुछ लोगों ने गाजीपुर के छात्रों का नाम बदनाम करने के लिए कैंपस में आगजनी की। लेकिन हमलोगों ने धैर्य नहीं खोया और इंतजामिया को हर संभव मदद किया। छात्रों ने मेहताब के हत्यारों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की। छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रॉक्टर प्रो. एम मोहसिन खान को दी।
इस मौके पर इंस्पेक्टर सिविल लाइन समेत विश्वविद्यालय के कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। उल्लेखनीय है कि 23 अप्रैल को एएमयू में हुई फायरिंग एवं आगजनी में एक पूर्व छात्र समेत दो युवक मार दिए गए थे। पूर्व छात्र मेहताब एएमयू में एमपीएड छात्र रहा था और एमएम हॉल में रहता था। वह मूलरूप से गाजीपुर का रहने वाला था।