नागरिकता संशोधन कानून व सीएए के विरोध में शाहजमाल ईदगाह पर शांतिपूर्वक तरीके से चल रहे धरना प्रदर्शन में शुक्रवार शाम पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष सज्जाद शुभान रॉथर की एंट्री के बाद टकराव की स्थिति बन गई। यहां सज्जाद ने टेंट लगाने व मंच सजाने की मांग उठाई और प्रशासन ने उसे ठुकरा दिया तो पब्लिक आक्रोशित हो उठी और पुलिस व सज्जाद के बीच नोकझोंक हो गई।
एकबारगी लगा कि हालात न बिगड़ जाएं। इस पर पुलिस ने सज्जाद को हिरासत में लेने की तैयारी कर ली। जिसके डर से वह बुर्का पहनकर महिलाओं के बीच जा छिपा और उन्हें पुलिस के खिलाफ उकसाने लगा। मगर, पुलिस उसे खोजती रही। बाद में उसने बुर्का पहनकर ही फेसबुक लाइव किया और उसके समर्थन में एएमयू छात्रसंघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज आदि पहुंच गए। तब हालात सामान्य हुए।
वहीं, इसके समर्थन में कश्मीरी छात्र भी पहुंच गए थे। देर रात वह साथी छात्रों के साथ धरनास्थल के पीछे से चरखवालान के रास्ते वहां से निकल गया। इसे लेकर पुलिस देर रात सज्जाद व उसके साथ मौजूद एएमयू छात्राओं वर्धा मेघ व खानसा सहित 250-300 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
शाहजमाल में पहले दिन से एएमयू छात्राओं की लीडरशिप रही है। मगर, जुमे की नमाज के बाद यहां छात्रों का आगमन बढ़ गया। शाम को सज्जाद रॉथर पहुंच गए। उन्होंने टेंट लगाने और मंच बनाकर माइक से महिलाओं को संबोधन करने की रणनीति तैयार कर ली। इस पर पुलिस ने टोकाटाकी की तो सज्जाद इसकी अनुमति मांगने लगा।
मगर, अधिकारियों ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया। इसी बीच गहमागहमी पर महिलाएं उग्र हो गईं और नारेबाजी तेज कर दी। आरोप है कि सज्जाद ने ही महिलाओं को उग्र होने के लिए उकसाया। इस पर पुलिस द्वारा सज्जाद को हिरासत में लेने की धमकी दिए जाने पर वह घबराकर महिलाओं के बीच जा छिपा। महिलाओं ने उसे अपना बुर्का तक पहना दिया।
बुर्का पहनकर उसने अपने फेसबुक अकाउंट से लाइव किया तो देर रात काफी संख्या में एएमयू छात्र धरना स्थल पर पहुंच गए। उनके साथ अलग-अलग टुकड़ियों में जमालपुर, अमीर निशा, ऊपरकोट, रसलगंज आदि इलाकों सेे लोग भी समर्थन में आ गए। देर रात तक धरना स्थल पर करीब 7-8 हजार जमे थे। इधर, रात 10 बजे करीब वहां छात्रनेता सलमान इम्तियाज भी पहुंच गए।
उन्होंने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन अपनी ड्यूटी कर रहा है। हमें शांतिपूर्ण तरीके से अपना धरना जारी रखना है। उन्होंने गांधीवादी तरीके से धरने का संदेश दिया, तब जाकर हालात सामान्य हुए। इसके बाद सज्जाद भी सलमान के साथ खड़ा दिखाई दिया। बाद में वह अपने साथियों के साथ सामने खड़े अधिकारियों व पुलिस से बचकर धरनास्थल के पीछे चरखवालान के रास्ते वहां से निकल गया।
इधर, एसएसपी आकाश कुलहरि ने बताया कि सज्जाद के अलावा उसके साथ एएमयू विधि संकाय की छात्रा वर्धा मेघ, एमए थियोलॉजी की खानसा को नामजद व 250-300 अज्ञात के खिलाफ शांतिपूर्वक चल रहे धरने में महिलाओं को भड़काने, माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने आदि धाराओं में देहली गेट में मुकदमा दर्ज किया गया है।
गिरफ्तारी की अफवाह फैलाकर बुलाई भीड़
धरना स्थल पर भीड़ जुटाने के लिए देर शाम को अचानक से सज्जाद को पुुलिस द्वारा गिरफ्तार करने की अफवाह उड़ा दी गई। इस अफवाह को सच मानकर वहां हजारों की संख्या में लोग शहर के अलग-अलग मोहल्लों से पहुंच गए।
अब्दुल्ला कालेज की छात्राएं ड्रेस पहनकर पहुंची
अब्दुल्ला कालेज की छात्राएं शुक्रवार को धरना प्रदर्शन में शामिल होने के लिए ड्रेस पहनकर और बैग लेकर ही पहुंच गई। वह दोपहर से देर शाम तक धरना स्थल पर डटी रहीं।
एएमयू में विरोध शांत होते देख शाहजमाल में तलाशी राजनीति की जमीन
एएमयू में पिछले डेढ़ माह से जारी धरना प्रदर्शन बृहस्पतिवार को वीसी द्वारा छात्रों से माफी मांगे जाने पर शांति की कगार पर पहुंच गया है। अब तक यहां जो लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे थे। उन्होंने कैंपस परिसर का माहौल शांत होते देख शाहजमाल में अपनी रोटियां सेकना शुरू कर दिया है। भीतरखाने इलाके के लोग भी इस बात को समझ रहे हैं। वह एएमयू से आने वालों की मुखालफत कर रहे हैं। उनका कहना है कि यहां इलाके की महिलाएं धरना दे रही हैं। इसमें किसी को अपनी राजनीतिक जमीन तैयार नहीं करने देंगे।
शाहजमाल धरने का एएमयू से कोई लेना देना नहीं
एएमयू ने स्पष्ट किया है कि नगर के शाहजमाल क्षेत्र में धरना एवं प्रदर्शन के संबंध में पुलिस ने लगभग 300 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने की बात कही है। यह भी कहा गया है कि इनमें से कुछ का एएमयू से संबंध है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा है कि एएमयू के किसी भी छात्र का कोई संबंध नहीं है। किसी भी छात्र को एफआईआर में नामजद नहीं किया गया है।