अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में पिछले ढाई महीने से चल रहे धरने पर अब शुक्रवार से छात्रों ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
इस संबंध में छात्रों ने जिलाधिकारी सहित भारत के राष्ट्रपति और विश्वविद्यालय प्रशासन को भी पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। इसमें कहा गया है कि 72 घंटों में अगर मांगें नहीं मानी गईं तो अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इससे पहले शुक्रवार को धरना स्थल पर जुमे की नमाज अदा की गई।
बाब ए सैयद पर चल रहे धरना स्थल पर क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठने वालों में आरिफ त्यागी, बैचलर ऑफ सोशल वर्क्स तृतीय वर्ष के छात्र रवीश अली खान और मुजम्मिल शालिम थे।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों ने राष्ट्रपति, जिलाधिकारी, प्रधानमंत्री कार्यालय, गृहमंत्री, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, यूपी के मुख्यमंत्री आदि को भेजे पत्र में मांग की गई है कि एएमयू के कुलपति और रजिस्ट्रार इस्तीफा दें। डीएसडब्ल्यू भी इस्तीफा दें। 15 दिसंबर 2019 की घटना की पूरी फुटेज उपलब्ध कराई जाए।
घटना वाली रात जेएन मेडिकल कॉलेज की एंबुलेंस के ड्राइवर, तैनात डॉक्टर और मौरिसन कोर्ट हास्टल के छात्रों व गेट कीपर से की गई बर्बरता के लिए दोषी पुलिस वालों पर रिपोर्ट दर्ज की जाए। दूसरी ओर छात्रों के भूख हड़ताल पर बैठने से विश्वविद्यालय प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मौके पर प्रॉक्टर टीम नजर रखे हुए है। इससे पहले धरना स्थल पर ही दोपहर को छात्रों ने जुमे की नमाज अदा की थी।
सीएए के विरोध में धरना स्थल पर पहुंचे सिख समुदाय के लोग
शुक्रवार को कुछ सिख समुदाय के लोग भी बाब-ए-सैयद पर सीएए के विरोध में चल रहे धरने पर पहुंचे। छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन ने बताया कि यह लोग भगवान सिंह के नेतृत्व में हर जगह पहुंच रह हैं। पंजाब से लेकर अलीगढ़ तक हर विरोध में शामिल हो रहे हैं। वह शाहीन बाग भी गए और अलीगढ़ के शाहजमाल भी गए।