छह दिन से फीस वृद्धि को लेकर विरोध चल रहा है। आज नमाज का समय निकलने पर कुछ छात्र साइड में नमाज पढ़ रहे थे। एएमयू प्रशासन ने पुलिस को बुलाकर उनको उठवाया। लाठियां भी मारी गईं। इसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन है। - मो. सुलेमान, छात्र, एएमयू
आज जुमे पर जब कुछ छात्रों ने नमाज पढ़नी चाही तो एएमयू प्रशासन ने पुलिस को भेज दिया। हमारे साथियों को पुलिस ले गई। जबकि सड़क पर नमाज कोई नहीं पढ़ रहा था बल्कि साइड में पढ़ रहे थे। -अहमद जैद, छात्र, एएमयू
शुक्रवार को कुछ बाहरी तत्वों ने छात्रों को भड़का दिया, जिसके बाद उन्होंने सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश की। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए जो जरूरी था, वह कदम उठाया गया। दोनों छात्रों को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। साथ ही हिदायत भी दी है कि वह ऐसा कोई काम नहीं करें जिससे कानून व्यवस्था बिगड़े। - प्रोफेसर वसीम अली, प्रॉक्टर, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय
सीसीटीवी कैमरों से नजर बनाए हुए था एएमयू इंतजामिया
प्रो. प्रोफेसर वसीम अली ने बताया कि छात्रों को बाहरी तत्वों ने गुमराह किया था। इसके बाद परिसर में लाइब्रेरी और कक्षाओं को भी बंद कराया। छात्रों से उकसाने वाली बातें कही गईं। पूरे घटना क्रम पर यूनिवर्सिटी प्रशासन सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से नजर रख रहा था। बाब-ए-सैयद गेट पर भी कैमरे से नजर रखी जा रही थी। इसी दौरान शुक्रवार सुबह से ही एएमयू को भनक लग गई थी कि धरना स्थल के पास जुमे की नमाज पढ़ी जा सकती है।
यह है छात्रों की मांग
- एएमयू प्रशासन द्वारा की गई फीस वृद्धि वापस ली जाए
- छात्र संघ चुनाव जल्द से जल्द कराए जाएं
- धरने में शामिल होने पर निलंबित किए छात्रों का निलंबन वापस लिया जाए।