फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एएमयू छात्रसंघ चुनाव: उपाध्यक्ष पद पर दो छात्राओं की दावेदारी, अध्यक्ष पद पर बिहार के तीन छात्र आमने-सामने

Sun, 25 Oct 2026 04:53 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में पहली बार उपाध्यक्ष पद के लिए छात्रा इरफा खान और नशरा नईम ने दावेदारी पेश की है। इस बार अध्यक्ष पद के लिए बिहार के तीन छात्रों की दावेदारी चर्चा में है। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए बिहार से तीन छात्र चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
विज्ञापन
बाइक रैली निकालते अध्यक्ष पद प्रत्याशी, उपाध्यक्ष पद प्रत्याशी - फोटो : संवाद, स्वयं
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) छात्रसंघ चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों के लिए जमानत राशि निर्धारित कर दी गई है। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के उम्मीदवारों को 500 जबकि कैबिनेट सदस्य और एएमयू कोर्ट सदस्य पद के प्रत्याशियों को 300 रुपये जमानत राशि जमा करनी होगी।

विज्ञापन


मुख्य चुनाव कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, चुनाव प्रक्रिया के तहत अलग-अलग पदों के लिए निर्धारित जमानत राशि प्रत्याशियों के लिए जरूरी होगी। चुनाव को लेकर छात्रों की ओर से उठाए गए सवालों के बाद मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय ने उम्मीदवारों की पात्रता से जुड़े नियम पर स्पष्टीकरण जारी किया है। ऐसा कोई छात्र इन चुनावों में उम्मीदवार नहीं बन सकेगा, जिसे किसी आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया हो या जिसे अनुशासनहीनता या कदाचार का दोषी मानते हुए यूनिवर्सिटी से निष्कासित कर दिया गया हो।

उपाध्यक्ष पद पर दो छात्राओं की दावेदारी
छात्रसंघ चुनाव के इतिहास में पहली बार उपाध्यक्ष पद के लिए छात्रा इरफा खान और नशरा नईम ने दावेदारी पेश की है। अब तक उपाध्यक्ष पद पर छात्राओं की दावेदारी का ऐसा मुकाबला सामने नहीं आया था। दोनों छात्राओं के चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी से छात्रसंघ चुनाव में महिला भागीदारी को लेकर चर्चा तेज हो गई है। यह न केवल छात्राओं की बढ़ती राजनीतिक सक्रियता का संकेत है, बल्कि एएमयू की छात्र राजनीति में एक नए दौर की शुरुआत के तौर पर भी देखा जा रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos

अध्यक्ष पद पर बिहार के तीन छात्र आमने-सामने
एएमयू छात्रसंघ चुनाव में इस बार अध्यक्ष पद के लिए बिहार के तीन छात्रों की दावेदारी चर्चा में है। यूनिवर्सिटी के इतिहास में पहली बार अध्यक्ष पद के लिए बिहार से तीन छात्र चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। इनमें भूगर्भ विज्ञान विभाग के शोधार्थी शरजील इकबाल, नोमान अशरफ और असमर फरीदी शामिल हैं। अध्यक्ष पद के लिए एक ही राज्य से तीन छात्रों की दावेदारी ने इस बार के चुनावी मुकाबले को खास बनाने के साथ बिहार के छात्रों के लिए चुनौती भी बन गई है। किस प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करेंगे यह सोचकर छात्र असमंजस में हैं। वहीं, यूपी से अब्दुल वहीद ने छात्रसंघ अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के रूप में दावेदारी ठोकी है।

जीशान जिंदाबाद... चतुर रामलिंगम वाले अंदाज में फिर छाए नाइजीरियाई छात्र अयूबा
बॉलीवुड फिल्म थ्री इडियट्स के किरदार चतुर रामलिंगम के अंदाज में हिंदी में मजेदार भाषण देकर सुर्खियों में आए नाइजीरिया के छात्र अयूबा एक बार फिर चर्चा में हैं। एएमयू के छात्रसंघ चुनाव में उनकी दिलचस्पी बढ़ गई है। प्रत्याशी उनसे समर्थन मांग रहे हैं। इसी बीच अयूबा ने अपने खास अंदाज में एएमयू कोर्ट मेंबर के प्रत्याशी जीशान भार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया। उनका जीशान जिंदाबाद कहने का अंदाज भी सोशल मीडिया पर चर्चा में है।
विज्ञापन

बाइक रैलियों से ताकत दिखा रहे प्रत्याशी
प्रत्याशी प्रचार-प्रसार के लिए बाइक रैलियां निकालकर अपनी ताकत दिखा रहे हैं। हॉस्टल, हॉल और विभागों में विद्यार्थियों से संपर्क कर समर्थन जुटाने की कवायद तेज हो गई है। चुनावी माहौल के बीच अब विद्यार्थियों से जुड़े मुद्दे भी प्रचार के केंद्र में रहेंगे। अध्यक्ष पद के प्रत्याशी शरजील इकबाल ने बताया कि छात्रहित में कार्य करेंगे और छात्रों से जुड़े मुद्दे न सिर्फ उठाएंगे, बल्कि यूनिवर्सिटी प्रशासन से मनवाएंगे। उन्होंने कहा कि हॉस्टल की समस्याएं, शैक्षणिक सुविधाएं, फीस, कैंपस की व्यवस्था और विद्यार्थियों की अन्य मांगें हैं।

पूर्व छात्र अहमद ने चुनाव की तारीख पर उठाए सवाल
चुनाव की तारीख दिवाली के आसपास रखे जाने पर पूर्व छात्र नेता डॉ. कुंवर मोहम्मद अहमद ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव में हिंदू छात्र भी भागीदार हैं। ऐसे में चुनावी कार्यक्रम तय करते समय उनकी धार्मिक और पारिवारिक भावनाओं का ध्यान रखा जाना चाहिए था। छात्रसंघ चुनाव सभी विद्यार्थियों का लोकतांत्रिक मंच है, इसलिए चुनाव की तारीखें तय करते समय किसी भी वर्ग के विद्यार्थियों की सुविधा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इस संबंध में मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब का पक्ष जानने के लिए उन्हें कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें