अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं के प्रदर्शन को धार देने वाले छात्र का निलंबन
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एमए उर्दू प्रथम वर्ष के छात्र यासिर फहद पर एएमयू परिसर में घुसने पर पाबंदी
बलरामपुर जिले के पचपेड़वा के हैं यासिर, घटिया भोजन के विरोध में उतरी थीं छात्राएं
प्वाइंटर
सात दिन में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने की कार्रवाई
अमर उजाला ब्यूरो
अलीगढ़। बीते 14 सितंबर को एएमयू की अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं के प्रदर्शन को धार देने वाले एमए उर्दू प्रथम वर्ष के छात्र यासिर फहद को निलंबित कर दिया गया है। उस पर यूनिवर्सिटी परिसर में घुसने पर पाबंदी लगा दी गई है। सात दिन में यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। घटिया भोजन के विरोध में छात्राओं ने वीमेंस कॉलेज के गेट पर धरना दिया था।
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं के साथ प्रॉक्टोरियल टीम की धक्का-मुक्की के विरोध में रात में छात्रों ने डक पॉन्ड से बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकाला था। प्रॉक्टर कार्यालय के अनुसार बिना अनुमति के विरोध मार्च निकाला गया। बाब-ए-सैयद की आवाजाही प्रभावित की गई। यूनिवर्सिटी के पदाधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक नारे लगाए गए। छात्राओं को प्रशासन के खिलाफ भड़काया गया। इन आरोपों में बलरामपुर जिले के पचपेड़वा के निवासी यासिर को निलंबित किया गया है।
छात्राओं को भड़काने का भी आरोप
प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद नवेद खान ने बताया कि छात्र यासिर ने 14 सितंबर को मीडिया से बातचीत और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से अब्दुल्लाह हॉल की छात्राओं के साथ शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है। यासिर ने छात्राओं को यूनिवर्सिटी प्रशासन से किसी भी तरह की बातचीत नहीं करने और विरोध जारी रखने के लिए उकसाया।
तीन बार संपर्क का दावा, जवाब नहीं देने का आरोप
प्रॉक्टर ने बताया कि छात्र को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के लिए प्रॉक्टर कार्यालय ने 15, 19 और 20 सितंबर को संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन छात्र की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया।
दो छात्रों पर नहीं हुई कार्रवाई
छात्राओं को धरना-प्रदर्शन के लिए उकसाने पर तीन छात्रों पर आरोप लगे थे। इनमें छात्रों और उनके अभिभावकों को पत्र भेजे गए थे। दोनों छात्रों ने प्रॉक्टर के समक्ष अपनी बात रखी। इसके बाद उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। यासीन ने कहा कि उन पर दबाव बनाने के लिए उन्हें निलंबित किया गया है।