अमेरिकी हमले में मारे गए ईरान की कुद्स सेना के जनरल कासिम सुलेमानी को शहीद का दर्जा देते हुए शुक्रवार की शाम को एएमयू छात्रों ने कैंपस में एक प्रोटेस्ट मार्च निकाला और सुलेमानी को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान छात्रों ने अमेरिका और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगाए। अमेरिकी झंडा जलाया और अमेरिकी राष्ट्रपति का पुतला भी फूंका गया।
एएमयू छात्र शुक्रवार की शाम को मौलाना आजाद लाइब्रेरी के पीछे कैंटीन पर इकट्ठा हुए। यहां पर सभी ने हाथों में मोमबत्ती लेकर अमेरिका विरोधी नारेबाजी की। डक प्वाइंट (इंजीनियरिंग कालेज के सामने) तक मार्च किया। इस दौरान पूरे रास्ते अमेरिका और इजराइल मुर्दाबाद के नारे लगते रहे। यहां पर शिया थियोलॉजी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सैयद जाहिद हुसैन ने कहा कि पिछले जुमे को ईरानी सैन्य प्रमुख की अमेरिका ने हत्या कर दी। सुलेमानी ने अजीम कुर्बानी पेश की है।
अमेरिका के जुल्मों से दुनिया परेशान है। अमेरिका को तकलीफ यह है कि उसका पैदा किया गया आईएसआईएस को कासिम सुलेमानी ने तबाह कर दिया था। हम अपने देश के प्रधानमंत्री से कहना चाहते हैं कि ऐसे देश से अपने संबंधों की समीक्षा करे।
अमेरिका एक दहशतगर्द मुल्क है। एएमयू की पूर्व छात्रा सकीना ने कहा कि अमेरिका जो खुद को सुपर पावर बताता है। हमेशा से ही मुस्लिम मुल्कों को निशाना बनाता है। हमारा आज का यह मार्च अंतरराष्ट्रीय चिंताओं के लिए है। यह किसी समुदाय के खिलाफ नहीं बल्कि जुल्म के खिलाफ है।
इसके बाद सभी ने डक प्वाइंट पर ही अमेरिका का झंडा जलाया और वहां के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का पुतला फूंका। इस अवसर पर एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन, पूर्व छात्र सुहेल अहमद आदि अन्य लोग मौजूद थे।
एएमयू के डक प्वाइंट पर सुलेमानी को श्रद्धांजलि देतीं एएमयू की छात्राएं और मुस्लिम महिलाएं और बच?- फोटो : CITY OFFICE
Amu Student burn American flag, Took out march in campus, Tribute to Sulemani- फोटो : CITY OFFICE