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नहीं माना परिवार: बिना पोस्टमार्टम के एएमयू छात्रा का शव ले गए मुरादाबाद, जनाजे में उमड़ी भीड़

Mon, 27 Oct 2025 01:01 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीमेंस कॉलेज में अध्ययनरत स्नातक की छात्रा का शव शनिवार की रात अगवानपुर स्थित घर आने पर लोग गमगीन हो गए। रविवार को छात्रा के जनाजे में काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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एएमयू - फोटो : संवाद
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विस्तार
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के अब्दुल्ला वीमेंस कॉलेज की बीए द्वितीय वर्ष की छात्रा के आत्महत्या के मामले में परिवार बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव मुरादाबाद ले गया। रविवार तड़के चार बजे तक परिवार को समझाने के प्रयास विफल रहे। परिजन व छात्रा के भाई के समर्थन में आए छात्रों की जिद के आगे एएमयू इंतजामिया व पुलिस शव परिवार को देने को राजी हो गई। परिजन बिना किसी कार्रवाई की बात लिखित में देकर शव ले गए।

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मुरादाबाद के सिविल लाइंस के अगवानपुर क्षेत्र की छात्रा वीमेंस कॉलेज के मुमताज हॉल में रहकर पढ़ाई करती थी। 25 अक्तूबर शाम करीब आठ बजे उसका शव कमरे में ही दुपट्टे के सहारे पंखे से लटका मिला था। एएमयू इंतजामिया व पुलिस टीम ने शव उतरवाकर मेडिकल कॉलेज भिजवाया। इस छात्रा का एक भाई भी एएमयू में ही विधि का छात्र है। खबर पर भाई व उसके तमाम साथी छात्र भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। उन्होंने शुरुआत में ही पोस्टमार्टम न कराने की शर्त रख दी।

हालांकि देर रात तक पुलिस व एएमयू अधिकारी समझाते रहे। बाद में तय हुआ कि मुरादाबाद से परिजनों के आने पर निर्णय लिया जाएगा। इसके बाद रात में छात्रा के पिता व अन्य परिजन पहुंच गए। सीओ तृतीय सर्वम सिंह ने बताया कि परिवार ने बहुत कुछ नहीं बताया। अब छात्रा के मोबाइल व साथी छात्रा के सहारे आत्महत्या के कारणों को जानने का प्रयास होगा।

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छात्रा का शव आने पर जनाजे में उमड़ी भीड़

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के वीमेंस कॉलेज में अध्ययनरत स्नातक की छात्रा का शव शनिवार की रात अगवानपुर स्थित घर आने पर लोग गमगीन हो गए। रविवार को छात्रा के जनाजे में काफी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों ने बताया कि घटना की शिकार छात्रा कॉलेज टॉपर थी। घटना के कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है।

सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के अगवानपुर की रहने वाली युवती आठ बहन-भाइयों में सबसे छोटी थी। दीपावली से पहले दोनों भाइयों के साथ छात्रा भी अगवानपुर स्थित घर आई थी। कुछ दिन छुट्टी बिताने के बाद 22 अक्तूबर को अपने भाई के साथ यूनिवर्सिटी पढ़ने चली गई। बड़े भाई दिवाली की छुट्टी के बाद घर ही रुक गए। दोपहर जोहर की नमाज के बाद छात्रा को दफना दिया गया। इस दौरान हर किसी को छात्र की मौत का संदिग्ध कारण हैरान कर रहा था।

पढ़ने में होनहार थी छात्रा
अब तक की जांच में उजागर हुआ है कि छात्रा होनहार थी। उसके कमरे की तलाशी में मिले कागजों, नोट्स व डायरी से यह पता चला कि वह यूपीएससी परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रयासरत थी। स्नातक पूरा होने के बाद उसने इसके लिए प्लान बनाया था। बाकी परिवार ने भी ऐसा कुछ नहीं बताया, जिससे कोई कारण उजागर हो सके। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ऐसा उसने किस वजह से किया है।
 
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