अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति बाइडन के चुनाव अभियान के लिए फं ड जुटाने में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और अमेरिका के मशहूर उद्योगपति फ्रैं क इस्लाम की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। ई मेल के माध्यम से ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में फ्रैं क इस्लाम ने बताया कि वह नवनिर्वाचित राष्ट्रपति की नेशनल फ ाइनेंस टीम का नेतृत्व कर रहे थे।
मूल रूप से आजमगढ़ के रहने वाले फ्र ैंक इस्लाम ने बताया कि उन्होंने फ्लोरिडा, मिशीगन, पेंसिल्वेनिया और विस्कंसिन, इन चार राज्यों में हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव के चुनाव के लिए भी डेमोक्रेटिक पार्टी में अहम जिम्मेदारी का निर्वहन किया। फ्रैंक इस्लाम ने बताया कि वह बाइडन की विदेश नीतियों के लिए बनाई गई सलाहकार समिति के सदस्य भी हैं।
फ्रैंक इस्लाम कहते हैं कि नया बदलाव अमेरिका के साथ-साथ भारत के लिए भी बहुत ही सकारात्मक स्थितियां लेकर आया है। फ्रैंक इस्लाम ने बताया कि कैलिफोर्निया एक ऐसी जगह है जहां अलग-अलग समुदायों के लोग रहते हैं। यहां पर भारतीय बड़ी संख्या में हैं। चार भारतीय-अमेरिकी डेमोक्रेटिक पार्टी से ही हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव में पहुंचे हैं। इनमें अमी वेरा, रो खन्ना, प्रमिला जयपाल और राजा कृष्णमूर्ति शामिल हैं। इसके अलावा स्थानीय निकाय स्तर पर भी दर्जनों भारतीयों का प्रतिनिधित्व शामिल है। इस तरह देखा जा सकता है कि अमेरिकी भारतीय यहां पर मजबूती के साथ अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नई दिल्ली में बैठे कुछ लोग यह मानते हैं कि ट्रंप का शासन काल भारत के लिए अनुकूल रहता। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका आए थे तब ट्रंप ने मोदी के कार्यक्रम में थोड़ी देर के लिए शिरकत की थी। इसके बाद ट्रंप अहमदाबाद गए। इन गतिविधियों का डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के चुनाव में जनता को बहुत ज्यादा मतलब समझा नहीं पाए। भारत के दृष्टिकोण से देखा जाए तो यह समय बहुत शानदार है। नए राष्ट्रपति के पास अंतरराष्ट्रीय उदार दृष्टिकोण है। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति के पद पर एक भारतीय मूल की महिला कमला हैरिस हैं। भारत के दृष्टिकोण से आने वाला समय बहुत शानदार रहने वाला है।
एएमयू के शताब्दी वर्ष पर वाशिंगटन डीसी में कार्यक्रम में शामिल हुए
फ्रैंक इस्लाम ने पिछले दिनों अमेरिका में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के अवसर पर वाशिंगटन डीसी में आयोजित अलीगढ़ एलुमनाई एसोसिएशन द्वारा हुए कार्यक्रम के संबंध में भी अपनी यादें साझा की। ‘अमर उजाला’ को उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में उन्होंने याद किया कि किस तरह एएमयू में एडमीशन लिया था। क्या दिन थे जब वह वहां पर पढ़ाई करते थे। फ्रैंक इस्लाम ने कहा कि आज वह जो कुछ भी हैं एएमयूू के कारण ही हैं। एएमयू जब जब उनको बुलाएगा वह वहां पर आएंगे।