नुमाइश के मुक्ताकाश मंच पर अल्पसंख्यक के अधिकार एवं सरकारी योजनाओं पर आयोजित सेमीनार में एएमयू एवं जामिया मिलिया इस्लामियां विश्वविद्यालय का अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार रखने का मुद्दा उठा। वक्ताओं ने कहा कि दोनों विश्वविद्यालयों का अल्पसंख्यक दर्जा बरकरार रखना चाहिए।
एएमयू के डा. जफर दारिक की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राआें ने सरकारी योजनाओं का नाट्यपूर्ण मंचन कर वाहवाही लूटी। यही नहीं दहेज प्रथा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया। प्रथम पुरस्कार मदरसा अलहम्द, द्वितीय फैजुल उलूम हाई स्कूल व तृतीय मदरसा मुस्कान को दिया गया।
सरकार द्वारा अल्पसंख्यक कल्याण के लिए चलाई जा रही योजनाओं की भी जानकारी दी गई। संयोजक निजामुद्दीन ने संविधान में अल्पसंख्यक समाज के लिए दिए गये विशेष अधिकारों व सरकारों द्वारा चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा छात्रवृत्ति योजना, गरीब बच्चों की मदद को योजनाएं व मदरसा आधुनीकरण योजना भी केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही हैं। बुद्धि सोसाइटी के जयसिंह सुमन ने कहा कि अल्पसंख्यक समाज को हर हालत में शिक्षा हासिल करनी चाहिए।
उन्होंने मांग की कि एएमयू व जामिया मिल्लिया को अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थान का दर्जा देना चाहिये। इस मौके पर डा. मसूद अहमद, मुफ्ती मौ. रिजवान, शरीफर रहमान, रहनुमा, उज्मा, शीबा, मेहराज, गुलफ्शां, जफरूद्दीन, नफीस, अदीबा आदि का सहयोग रहा। संचालन नूरजन सेवा समिति के सचिव निजामुद्दीन द्वारा किया गया।