ऑपरेशन के बाद मरीज के तीमारदार आए। मरीज ने उनसे डांटने-फटकारने, गला दबाने की शिकायत की। तीमारदार उन्हें ढूंढते हुए उनके चैंबर में आ गए और अभद्रता करने लगे। प्रोफेसर ने उन्हें समझाने की कोशिश की। परिजनों ने उनके साथ मारपीट कर दी।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में 4 अक्तूबर को ऑपरेशन के दौरान हिलने-डुलने पर प्रो. जिया सिद्दीकी ने एक मरीज को डांट दिया। इस पर मरीज ने प्रोफेसर पर डांटने-फटकारने और लगा दबाने का आरोप लगा दिया। इससे आक्रोशित तीमारदारों ने प्रोफेसर को पीट दिया। पीटने वालों में एक एएमयू के बीएससी का छात्र भी था। उसे निलंबित कर दिया गया। मामले में तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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नेत्र विभाग में एक महिला मरीज की आंख में दिक्कत थी। उसका ऑपरेशन प्रो. जिया सिद्दीकी को करना था। उन्होंने ऑपरेशन शुरू किया। महिला असहज हो गई और हिलने-डुलने लगी। इस पर प्रो. जिया ने उन्हें डांट-फटकार दिया। इससे मरीज और तीमारदार नाराज हो गए। प्रो. जिया ने बताया कि मरीज को बेहोशी का इंजेक्शन नहीं लगाते हैं ताकि आंखों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके। इस दौरान मरीज को डांटना-फटकारना भी पड़ता है, जिससे मरीज ऑपरेशन में सहयोग दे सके। इसके बाद भी ऑपरेशन के लिए मरीज खुद को संतुलित नहीं कर पाया, तब ऑपरेशन के दौरान इंजेक्शन लगाना पड़ा।
ऑपरेशन के बाद मरीज के तीमारदार आए। मरीज ने उनसे डांटने-फटकारने, गला दबाने की शिकायत की। दोपहर 2.25 बजे तीमारदार उन्हें ढूंढते हुए उनके चैंबर में आ गए और अभद्रता करने लगे। प्रोफेसर ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन वह सुनने को तैयार नहीं हुए। इसके बाद नोकझोंक होने लगी और परिजनों ने उनके साथ मारपीट कर दी। कपड़े फाड़ दिए। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी। मौके पर मौजूद स्टाफ ने हस्तक्षेप किया। पांच मिनट के बार परिजन वहां से भाग गए।
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इस मामले में प्रो. जिया ने थाना सिविल लाइंस में तहरीर देकर तीन अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उधर, एएमयू इंतजामिया ने मारपीट करने वालों में शामिल बीएससी के छात्र मोहम्मद जीशान को निलंबित कर दिया गया है। प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने बताया कि छात्र सहारनपुर के गांव मंकी का रहने वाला है। वह वर्तमान में वीएम हॉल में रह रहा है।