फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएचयू में चयन समिति से अंजाने में हुई है चूक

विज्ञापन
प्रोफेसर मोहम्मद शरीफ। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के संस्कृत विभाग में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति को लेकर चल रहे विवाद की गूंज अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भी सुनाई दे रही है। दिलचस्प पहलू यह है कि एएमयू संस्कृत विभाग के अध्यक्ष भी मानते हैं कि डा. फिरोज खान की नियुक्ति में चयन समिति से अंजानें में चूक हुई है। डॉ. फिरोज को कर्मकांड के बदले दूसरा पेपर पढ़ाने की जिम्मेदारी देकर विवाद को टाला जा सकता है।
विज्ञापन

एएमयू के संस्कृत विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद शरीफ का कहना है कि चयन समिति में 12 लोग शामिल हुए थे, जिसमें डॉ. फिरोज खान का चयन किया गया। बीएचयू के वीसी एवं चयन समिति से एक चूक हो गई। बीएचयू में धर्म संकाय विभाग में शिलापट्ट पर लिखा हुआ है कि कर्मकांड सिर्फ हिंदू धर्म के शिक्षक पढ़ाएंगे। चयन के पूर्व बीएचयू के रेगूलेशन आदि को भी देखना चाहिए। प्रो. शरीफ का कहना है कि उनकी व्यक्तिगत राय भी है कि कर्मकांड पढ़ाने के लिए उसी धर्म का व्यक्ति होना चाहिए। प्रो. शरीफ का कहना है कि डॉ. फिरोज को दूसरा पेपर देकर समाधान निकाला जा सकता है।
संस्कृत में दुनिया के पहले डी-लिट् मुस्लिम है प्रो. शरीफ
एएमयू संस्कृत विभाग के चेयरमैन प्रो. एम शरीफ संस्कृत में डॉक्टरेट ऑफ लेटर्स (डी-लिट्) करने वाले पहले मुसलमान है। उन्होंने 1992 में इलाहाबाद विश्वविद्यालय से यह उपाधि हासिल की थी। उन्होंने बताया कि एमएओ कॉलेज के जमाने से ही यहां संस्कृत भाषा की पढ़ाई होती है। एएमयू में संस्कृत को कितना महत्व दिया गया है, इसको समझाने के लिए उन्होंने सर सैयद अहमद खां के जमाने की कहानी सुनाते हैं। वह कहते हैं कि एमएओ कॉलेज के जमाने में संस्कृत पढ़ने वाले छात्रों को स्कॉलरशिप दो रुपये मिलती थी जबकि बाकी छात्रों को सिर्फ एक रुपये स्कालरशिप थी।
विज्ञापन

संस्कृत विभाग के 9 शिक्षकों में 7 गैर-मुस्लिम
एएमयू के संस्कृत विभाग में कुल 9 शिक्षक है, जिसमें 2 मुसलमान और शेष 7 शिक्षक गैर मुसलमान है। विभागाध्यक्ष का कहना है कि यहां धर्म के नाम पर कोई भेदभाव नहीं है। करीब 25 शोध छात्र हैं, जिसमें अधिकतर गैर मुस्लिम हैं। प्रो. शरीफ ने कहा कि वह स्वयं गीता, रामायण, महाभारत और पाली आदि पढ़ाते हैं।
बीएचयू में प्रो. फिरोज की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करें वीसी
एएमयू छात्र संघ के निवर्तमान अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने बीएचयू कुलपति को खत लिखकर संस्कृत विभाग में नियुक्त प्रो. फिरोज खान को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। सलमान इम्तियाज ने कुलपति को इस बात के लिए मुबारकबाद दी है कि उन्होंने संस्कृत विभाग में एक काबिल अध्यापक का चयन किया है। लेकिन इस बात पर चिंता जताई है कि बीएचयू के कुछ छात्र संस्कृत विभाग में मुस्लिम शिक्षक की नियुक्ति रद्द करने के लिए दबाव बना रहे हैं। उन्होंने नियुक्ति का विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। लिखा है कि जरूरत पड़ी तो प्रो. फिरोज के लिए आंदोलन भी करेंगे।
भाषा एवं उसके ज्ञान पर संप्रदाय विशेष का अधिपत्य न हो : रक्षपाल
आगरा विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रक्षपाल सिंह ने कहा कि भाषा एवं उसके ज्ञान पर संप्रदाय विशेष का आधिपत्य नहीं होना चाहिए। बीएचयू के संस्कृत विभाग में डॉ. फिरोज खान की नियुक्ति का विरोध संकीर्ण मानसिकता का द्योतक है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में नियुक्ति के लिए शिक्षकों को गंभीर चयन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और उसी प्रक्रिया के तहत डॉ. फिरोज की नियुक्ति हुई है, जिस पर प्रश्न उठाना, प्रदर्शन करना तकलीफदेह है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें