राइडिंग क्लब की जमीन को लेकर नगर निगम और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के बीच चल रहे विवाद में अब प्रधानमंत्री मोदी और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम की सियासी गुगली आ गई है। नगर निगम से जमीन लेने के लिए एएमयू के छात्रों ने यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से 2500 बेड का हॉस्टल बनाने का प्रस्ताव तैयार किया। इसके बाद जमीन का विवाद कैंपस की बहस का मुद्दा बनता दिख रहा है।
छात्र सोनपाल सिंह और मोहम्मद सलमान गौरी ने यूनिवर्सिटी प्रशासन को आवेदन देकर यूनियन हॉल में इस मुद्दे पर बहस कराने की अनुमति भी मांगी है। प्रस्ताव में राइडिंग क्लब की जमीन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से हॉस्टल बनाने की मांग की गई है। वहीं, कुछ छात्रों ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से हॉस्टल बनाने का सुझाव दिया है। छात्रों के मुताबिक इस प्रस्ताव पर यूनियन हॉल में चर्चा 13 सितंबर की शाम तीन बजे से शुरू हो सकती है।
दरअसल 20 अगस्त को नगर निगम ने नगला पटवारी में करीब 500 करोड़ की कीमत वाली 3.86 हेक्टेयर जमीन को एएमयू से कब्जा मुक्त कराने का दावा किया। इसे लेकर विरोध शुरू हुआ तो प्रशासन ने दोनों पक्षों के साथ बैठक की। तब से यह मामला विचाराधीन है और बहस के लिए चौथी सुनवाई 22 सितंबर को होगी, लेकिन उससे पहले हॉस्टल के नाम पर पीएम और पूर्व पीएम के नाम के प्रस्तावों की एंट्री ने पूरे मामले को दिलचस्प बना दिया है। कैंपस में चर्चा यह भी है कि यदि प्रधानमंत्री और पूर्व प्रधानमंत्री के नाम पर हॉस्टल के प्रस्ताव सामने आ रहे हैं तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नाम पर भी हॉस्टल क्यों न बनाया जाए। प्रोफेसरों के बीच इस पर चुटकी भी ली जा रही है।
कोर्ट में सुनवाई, कैंपस में सियासी बहस
राइडिंग क्लब की जमीन को लेकर एसडीएम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इसी बीच यूनियन हॉल में प्रस्तावित बहस के लिए छात्रों ने अनुमति मांगी है। अब निगाहें विश्वविद्यालय प्रशासन के फैसले पर हैं। बहस की अनुमति मिलती है तो जमीन के अधिकार से लेकर हॉस्टल के प्रस्ताव तक कई मुद्दों पर कैंपस में खुली बहस हो सकती है।