सर सैयद माइनोरिटी फाउंडेशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी को जान का खतरा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय में सुरक्षा की गुहार लगाने के बाद इससे संबंधित फाइल लखनऊ से लेकर अलीगढ़ तक दौड़ने लगी है। फिलहाल एलआईयू इस मामले की जांच कर रही है। रविवार को उन्होंने एलआईयू दफ्तर में जीवन आख्या फार्म भरा।
15 मार्च 2016 को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री से मिलकर परवेज सिद्दीकी ने सुरक्षा की गुहार लगाई थी। उनका कहना है कि उन पर दो बार हमला हो चुका है। 2014 में जब वे पूर्व विधायक विवेक बंसल के आवास पर कांग्रेस नेत्री मोहसिना किदवई से मिलने जा रहे थे तो मैरिस रोड चौराहे के पास उन पर हमला हुआ था।
दोनो मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई थी। केंद्रीय गृह राज्यमंत्री से मिलने के बाद भी उनके कार्यक्रम में व्यवधान डालने की कोशिश की गई थी। 18 अप्रैल को सर सैयद माइनोटिरी फांउडेशन के तत्वावधान में एएमयू पालीटेक्निक में मदरसा शिक्षा पर सेमिनार का आयोजन किया गया था। इसमें एएमयू वीसी भी शामिल हुए थे। फाउंडेशन को निजी एवं बाहरी बताकर कुछ लोगों ने कार्यक्रम रोकवाने का प्रयास किया था। परवेज सिद्दीकी का कहना है कि गृह मंत्रालय के पत्र के बाद डीजीपी स्तर से आईजी आगरा, डीआईजी अलीगढ़ एवं एसएसपी के पास इससे संबंधित पत्र आया है।
रविवार शाम को एलआईयू दफ्तर में मैने जीवन आख्या फार्म भर दी है। उल्लेखनीय है कि सर सैयद फाउंडेशन के अध्यक्ष परवेज सिद्दीकी को इंतजामिया का करीबी माना जाता है। अल्पसंख्यक स्वरूप एवं एएमयू के मसलों को लेकर पिछले कुछ महीने में वे केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, रेल मंत्री एवं एएमयू कोर्ट सदस्य तथा भाजपा सांसद कुंवर भारतेंद्र से मिल चुके है।