अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में अचल ताल कमल कुटीर में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा क्यों विषय पर विचारगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता डीएस कॉलेज के पूर्व प्रॉक्टर डॉ. एकेएस चौहान ने की। बैठक में एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर की जा रही राजनीति की निंदा की गई।
गोष्ठी में अमुवि बचाओ मंच के समन्वयक डॉ. मानवेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि अमुवि न तो मुस्लिमों द्वारा स्थापित है और न ही संचालित। फिर किस आधार पर इसके अल्पसंख्यक स्वरूप की मांग की जा रही है। जो लोग केंद्र सरकार की आलोचना कर रहे हैं, उन्हें कानून की जानकारी नहीं है। यह पीएम को बदनाम करने की साजिश है।
उन्होेंने गोष्ठी में इस सिलसिले में अन्य जानकारी भी दी। गोष्ठी में अन्य वक्ताओं ने कहा कि देश में सभी धर्मों के लोग रहते हैं। इस प्रकार किसी शिक्षण संस्थान में एक समुदाय विशेष के लोगों को आधार बनाकर किसी को राजनीति नहीं करनी चाहिए। कुछ पार्टी जनाधार के चक्कर में शिक्षण संस्थाओं को मोहरा बनाकर अपनी राजनीति चमका रही हैं।
शिक्षण संस्थानों में केवल छात्रों की योग्यता के आधार पर ही प्रवेश दिए जाने चाहिए। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी बात को शांतिपूर्वक उठाया जा सकता है न कि आंदोलन या जुलूस के रूप में। संचालन क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र पाल ने किया।
इस मौके पर महासभा के मंडल अध्यक्ष कमल प्रताप सिंह, डॉ. राजेश चौहान, बेसवां इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. अनूप शर्मा, एसवी कॉलेज के डॉ. केपी यादव, हेमंत सिंह, प्रदीप सिंह, नरेश सिंह, श्रीपाल सिंह, गोपाल शर्मा, विकास सिंह, प्रेेम किशोर, विक्रम सिंह, प्रीति, यति, दीपशिखा, साक्षी, श्रद्धा बंसल, चारू अग्रवाल आदि काफी लोग शामिल थे।