एएमयू की टीचर्स कॉलोनी में बच्चों और परिवारों के लिए बनाया गया पार्क बदहाल है। बच्चों के खेलने-कूदने के लिए लगे उपकरण पर जंग लगने लगे हैं। पार्क में उगी घास में विषैले कीड़े के होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में मौलाना आजाद लाइब्रेरी में आग बुझाने वाला संयंत्र “ठंडा” पड़ा है। इससे विद्यार्थियों और दुर्लभ पुस्तकों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लाइब्रेरी का फायर सिस्टम खराब है। टीचर्स कॉलोनी का पार्क बदहाल है, जबकि यूनिवर्सिटी का वार्षिक बजट 1550 करोड़ रुपये है।
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एशिया की प्रतिष्ठित लाइब्रेरी की दीवारों से प्लास्टर झड़ रहा है। हिंदी विभाग सहित कई विभागों की दीवारों पर काई जमी है। लाइब्रेरी में लगाए गए अग्निशमन संयंत्र लंबे समय से काम नहीं कर रहे। धूल खा रहे पाइप और बंद पड़े उपकरण बड़े खतरे की आशंका पैदा कर रहे हैं। लाखों किताबों और दुर्लभ पांडुलिपियों को संभाले इस भवन में सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। इस संबंध में लाइब्रेरियन प्रो. निशात फातिमा ने बताया कि लाइब्रेरी की दीवारों से झड़ रहे प्लास्टर और खराब अग्निशमन संयंत्र के बारे में इंतजामिया को जानकारी दी चुकी है।
ऐतिहासिक और हेरिटेज महत्व के कई भवन वाले परिसर के संरक्षण और रखरखाव के लिए निरंतर योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। यूनिवर्सिटी में उपलब्ध बजट से नियमित मरम्मत और रखरखाव कार्य हो रहा है।-प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान, सह कुलपति, एएमयू
टीचर्स कॉलोनी का पार्क बदहाल
टीचर्स कॉलोनी में बच्चों और परिवारों के लिए बनाया गया पार्क बदहाल है। बच्चों के खेलने-कूदने के लिए लगे उपकरण पर जंग लगने लगे हैं। पार्क में उगी घास में विषैले कीड़े के होने से इन्कार नहीं किया जा सकता है। ऐसे में पार्क में बच्चों के लिए खतरा हो सकता है। लोगों ने पार्क की नियमित साफ-सफाई की मांग की है।