उर्दू लेखकों से पुस्तक प्रकाशित होने से पहले ‘एंटी स्टेट एवं एंटी नेशनल कांटेंट’ नहीं होने का शपथ पत्र लेने के एमएचआरडी एवं एनसीपीयूएल के निर्देश के विरोध में एएमयू के छात्र सड़क पर उतर आए हैं। सोमवार को छात्रों ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी से लेकर बाब-ए-सैयद तक विरोध मार्च निकालकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, स्मृति ईरानी एवं आरएसएस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विरोध प्रदर्शन में एसएफआई एवं आईसा सदस्यों के अलावा समेत एएमयू के छात्र शामिल हुए। छात्रों ने कहा कि अनेक एमएचआरडी का ताजा फरमान उर्दू लेखकों की अभिव्यक्ति पर पाबंदी लगाने की कोशिश है। इस विवादित आदेश को तुरंत वापस लिया जाए। हैदराबाद विश्वविद्यालय के शोध छात्र रोहित वेमुला का पोस्टर हाथ में लिए छात्र वहां के कुलपति को बर्खास्त करने की भी मांग कर रहे थे। छात्रों ने कहा कि हैदराबाद विवि के छात्रों पर अत्याचार हो रहा है।
निर्दोष छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा फंसाकर जेल भेजा जा रहा है। वे लोग आरएसएस एवं नागपुर के फैसले को देश के विश्वविद्यालयों में लागू नहीं होने देंगे। चाहे इसके लिए कोई भी कुर्बानी देनी पड़े। मोदी सरकार अब तानाशाही पर उतर आई है। छात्रों ने उत्तराखंड की सरकार को बर्खास्त करने पर भी एतराज जताया और इसे लोकतंत्र की हत्या करार दिया। मोदी-स्मृति हाय-हाय के नारे से बाब-ए-सैयद गूंज उठा। आरएसएस मुर्दाबाद के नारे भी खूब लगे। छात्रों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रॉक्टोरियल टीम को सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व छात्र नेता जमशेद ने किया।