प्रो. नदीम खलील ने कहा कि गंगा की लंबाई 20500 किमी है। यह उत्तराखंड से निकलती है, जो उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल तक पहुंचती है। 40 फीसदी कृषि गंगा के पानी पर आधारित है। गंगा के किनारे जो शहर बसे हैं, वहां नमामि गंगे के तहत एसटीपी बनेगा।
ये काम करेगा एसटीपी
प्रो. नदीम खलील ने कहा कि गंगा किनारे बसे शहर का गंदा पानी सीधे गंगा में नहीं जा सकेगा। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के जरिये शहर का गंदा पानी स्वच्छ कर उसे मानक के अनुरूप बनाया जाएगा, फिर स्वच्छ पानी को गंगा में छोड़ा जाएगा।