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एएमयू : दसवीं की परीक्षा में इमरान ने किया टॉप

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एएमयू कक्षा 10 के टॉपर इमरान अली को मिठाई खिलाते उनके माता-पिता। - फोटो : CITY OFFICE
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट कक्षा दस की 2020 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया गया।
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इस परीक्षा में 1425 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें 1369 ने कामयाबी हासिल की। परीक्षा परिणाम 96.07 प्रतिशत रहा। परीक्षा कंट्रोलर मुजीबउल्लाह जुबैरी ने बताया कि एसटीएस स्कूल (मिंटो सर्किल) के छात्र इमरान अली ने 500 में से 495 अंकों के साथ सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया। जबकि एएमयू सिटी स्कूल के सत्य नारायण पाठक व एसटीएस स्कूल के शहान उस्मानी 500 में से 494 अंकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर रहे। इसके अलावा एएमयू गर्ल्स स्कूल की असरा सुहेल ने 500 में से 491 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। वह छात्रा वर्ग में अव्वल रहीं। वहीं, एएमयू के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने कहा कि कोेविड-19 संक्रमण से प्रभावित वर्तमान स्थिति में छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उसके लिए वह बधाई के पात्र है। उनके उज्ज्वल भविष्य और सफलता की कामना करता हूं।
टॉपर्स बोले - सोशल मीडिया का सीमित उपयोग ही अच्छा
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के स्कूल में कक्षा 10 बोर्ड परीक्षा के टॉपर्स का कहना है कि सोशल मीडिया और मोबाइल फोन का सीमित उपयोग ही किया। छात्रा असरा सोहेल कहती हैं कि सोशल मीडिया से बिल्कुल मुंह नहीं फेरा जा सकता है। अगर हमारे लिए कोई उपयोगी जानकारी मिल रही है तो हमें इस माध्यम से उसको लेना होगा। गैरजरूरी कामों के लिए सोशल मीडिया पर लगे रहना नुकसानदायक है। इमरान अली, सत्यनारायण पाठक और शहन उस्मानी का कहना है कि हर चीज का उपयोग और दुरुपयोग होता है। अगर आप महामारी के दौरान अपने आप को अपडेट बनाए रखना चाहते हैं तो आप सोशल मीडिया आदि का सीमित उपयोग करके बहुत कुछ लाभ उठा सकते हैं।
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प्रथम स्थान - इमरान अली (495/500 अंक)
इंजीनियर बनकर तकनीकी विकास में योगदान देना है
मूल रूप से संभल के रहने वाले इमरान अली ने 500 में से 495 अंक हासिल करके टॉप किया है। वह अपने पिता मेहर मेहंदी और मां रजिया सुल्तान के साथ मौजूदा समय में दोदपुर, सिविल लाइन में रहते हैं। उनके पिता बिजनेस करते हैं जबकि मां छेरत स्थित प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका हैं। टॉपर बनने के सवाल पर इमरान कहते हैं कि ऐसा कभी नहीं सोचा था कि वह सबसे अधिक अंक हासिल करेंगे। उनकी कोशिश बस यही रहती थी कि अपना बेस्ट दिया जा सके। जहां तक अध्ययन के घंटों का सवाल है तो कभी घंटे तय करके पढ़ाई नहीं की। भविष्य में इमरान इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहते हैं और देश के तकनीकी विकास में अपना योगदान देना चाहते हैं। इमरान की एक छोटी बहन है, जो आवर लेडी फातिमा ऑफ स्कूल में पढ़ रही है। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने माता-पिता के साथ-साथ अपने सभी शिक्षकों को देते हैं।
दूसरा स्थान - सत्यनारायण पाठक (494/500 अंक)
मां का सपना है डॉक्टर बनूं
पड़ोसी जिले हाथरस की तहसील सासनी के एक गांव मैहराया के रहने वाले सत्यनारायण पाठक ने 500 में से 494 अंक हासिल करके दूसरा स्थान हासिल किया है। सत्यनारायण के पिता राजेश पाठक दिल्ली में काम करते हैं। जबकि परिवार गांव में ही कृषि कार्य करता है। सत्यनारायण के बड़े भाई ने 12वीं की परीक्षा हाल ही में पास की है। सत्य नारायण कहते हैं कि उनकी मां रानी देवी का सपना है कि वह दिल्ली के एम्स से एमबीबीएस की पढ़ाई करें और डॉक्टर बनें। अपनी मां का सपना पूरा करने के लिए वह जी जान से जुटे हैं। सत्यनारायण ने कहा कि उनकी इस सफलता में उनके बड़े भाई की तरह मार्गदर्शन करने वाले सूरज पाठक, जो कि मुंबई में इंजीनियर है, उनका बहुत बड़ा योगदान है। वह कहते हैं कि उन्होंने कभी भी अपने अध्ययन के लिए घंटे निर्धारित नहीं किए। जब दिल चाहा तब अध्ययन किया। एएमयू सिटी स्कूल के प्रिंसिपल सैयद तनवीर नवी ने सत्यनारायण को उनकी सफलता पर बधाई दी है।
दूसरा स्थान - शहान उस्मानी (494/500 अंक)
सिविल सर्विस में जाकर व्यवस्था में योगदान देना है
एसटीएस स्कूल मिंटो सर्किल के शहान उस्मानी ने 500 में से 494 अंक लाकर टॉपर लिस्ट में दूसरा स्थान पाया है। शहान के पिता डॉक्टर हशमत इकबाल उस्मानी मेडिकल ऑफिसर हैं और मौजूदा समय में मुख्य चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में कार्यरत हैं। वह इकरा कॉलोनी के ताहिरा अपार्टमेंट में रहते हैं। शहान अपनी मां फरीदा सिद्दीकी के काफी नजदीक हैं। शहान का कहना है कि सफलता के लिए कोई शॉर्टकट नहीं होता। इसके लिए निरंतर समय पर पढ़ाई करते रहना जरूरी है। आगे चल कर वह सिविल सर्विस के माध्यम से देश सेवा करना चाहते हैं। अपनी सफलता का श्रेय वह अपने माता पिता के साथ साथ अपने शिक्षकों को देते हैं।
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तीसरा स्थान - असरा सोहेल (491/500 अंक)
डॉक्टर बनना है जीवन का सपना
एएमयू गर्ल्स स्कूल की असरा सोहेल ने 500 में से 491 अंक हासिल करके टॉपर्स की सूची में तीसरा स्थान हासिल किया है। हालांकि छात्राओं के वर्ग में वह प्रथम स्थान पर हैं। असरा कहती हैं कि उनके पिता डॉ. सोहेल अहमद खान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। उनके बड़े भाई फैज अहमद खान दिल्ली में एक संस्थान से एमटेक कर रहे हैं। जबकि छोटे भाई शहाब खान एएमयू से ही बीटेक कर रहे हैं। वह कहती हैं कि उनकी प्रेरणा का स्रोत उनकी मां जरीना शहनाज हैं। वह आगे चलकर डॉक्टर बनना चाहती हैं और उसी के अनुरूप अपनी तैयारी कर रही हैं। वह अपनी सफलता का श्रेय अपने भाइयों और माता-पिता के साथ साथ अपने स्कूल की सभी टीचर्स को देती हैं।

दूसरा स्थान पाने वाले सत्यनारायण पाठक को मिठाई खिलाते परिवार के सदस्य। - फोटो : CITY OFFICE

दूसरा स्थान प्राप्त करने पर शहन उस्मानी को मिठाई खिलाते उनके माता-पिता। - फोटो : CITY OFFICE

एएमयू कक्षा 10 में तीसरे स्थान पर रहीं असरा सोहेल माता पिता के साथ। - फोटो : CITY OFFICE

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