इनके विषय में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने, हथियार-कारतूस व नकली नोटों की तस्करी के साथ-साथ फर्जी दस्तावेज बनाकर दुरुपयोग करने का अंदेशा जाहिर हुआ है। इसी आधार पर कमरा सील करते हुए सिविल लाइंस में तीनों पर एफआईआर दर्ज की गई है। इनमें से मुदस्सिर व उसका एक अन्य दोस्त पुलिस हिरासत में आ गए हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
एएमयू के हॉस्टल के कमरे में काफी कुछ आपत्तिजनक मिला है। दो लोग हिरासत में हैं, जिनसे पूछताछ की जा रही है। अन्य आरोपियों के पकड़े जाने पर काफी कुछ साफ होगा। खुफिया एजेंसियों के स्तर से जानकारियां जुटाई जा रही हैं। हमसे जो सहयोग मांगा जाएगा किया जाएगा।- नीरज जादौन, एसएसपी
ये सब मिला
26 प्रकार के प्रमाणपत्र (असली व जाली) जिसमें शहबाज की यूपी बोर्ड की दसवीं की दो मार्कशीट, जिसमें एक में उसकी जन्मतिथि 1988 व एक में 1997 दर्ज है। आधार-पैन कार्ड में 1999 दर्ज है। इसके अलावा दो एनरॉलमेंट प्रपत्र, माइग्रेशन प्रपत्र, अरुणाचल विश्वविद्यालय का पासिंग प्रमाण पत्र, इग्नू की 2015 की मार्कशीट, मो. आकिल के आधार, पैन, जन्म, मूल निवास पत्र सहित दसवीं व बारहवीं की यूपी बोर्ड की अंकतालिका, पासपोर्ट मिली हैं। इसके अलावा मुदस्सिर का एक लैपटॉप, एक नोटपैड मय डिजिटल पैन, 8 मोबाइल फोन (6 एंड्रायड व दो कीपैड), नौ नकली नोट (2 नोट 500 रुपये व 7 नोट 100 रुपये के), 4 खोखा 315 बोर, 4 कारतूस 12 बोर, 1 खोखा .32 बोर, 1 कारतूस, 2 खाली मैग्जीन .32 बोर पिस्टल आदि।