प्रो. शबाहत हुसैन
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रामनाथ कोविंद देश के 14 वें राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचित हो चुके हैं। 25 जुलाई को वे राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। इसके साथ ही वे एएमयू के विजिटर भी बन जाएंगे। एएमयू वर्तमान राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के बेहद करीब रहा है। एएमयू को नए राष्ट्रपति से ढेर सारी उम्मीदें हैं।
27 दिसंबर 2013 को राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी एएमयू में अंतरराष्ट्रीय सोशल साइंस कांफ्रेंस का उद्घाटन करने आए थे। उस समय साइबर लाइब्रेरी का भी शुभारंभ किया था। उससे पहले मुर्शिदाबाद स्थित एएमयू सेंटर पर राष्ट्रपति गए थे। एएमयू मुर्शिदाबाद सेंटर की स्थापना में प्रणव मुखर्जी का विशेष योगदान माना जाता है।
प्रणव मुखर्जी जब विदेश मंत्री थे, उस समय एक कार्यक्रम में एएमयू में आए थे। वित्त मंत्री के रूप में उन्होंने एएमयू सेंटर के लिए बजट दिया था। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के पुत्र एवं जंगीपुर के सांसद अभिजीत मुखर्जी वर्तमान समय में एएमयू के कोर्ट सदस्य है।
नए राष्ट्रपति के रूप में निर्वाचन के बाद एएमयू की उम्मीदें रामनाथ कोविंद पर टिकी है। एएमयू रजिस्ट्रार प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि 25 जुलाई को नए राष्ट्रपति शपथ लेंगे। एएमयू की ओर से बधाई संदेश भेेजेंगे।
रामनाथ कोविंद सुलझे हुए इंसान और कुशल प्रशासक है। वह अपने कार्यकाल में देश व एएमयू के विकास में चार चांद लगाएंगे। - प्रो. शबाहत हुसैन, एएमयू सोशल साइंस संकाय के पूर्व डीन