डा. महेश चन्द्र वार्ष्णेय
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एसवी कॉलेज की दीवारें अब वीर गाथाओं से चमकेंगी। इन दीवारों पर 1857 से 1947 तक के एतिहासिक पलों को सहेजने की तैयारी चल रही है। 25 मीटर लंबी दीवार पर चित्रकारी का नमूना देखने को मिलेगा। इस योजना में 25 हजार रुपये खर्च आने का अनुमान है। इसके लिए प्राचार्य ने चित्रकला विभाग के विभागाध्यक्ष से प्रस्ताव देने को कहा है।
पहले चरण में साइकिल स्टैंड (सामान्य कार्यालय) की 25 मीटर लंबी दीवार जलिया वाला बाग, रानी लक्ष्मी बाई, दांडी यात्रा, वीर सपूत के साथ लालकिले पर शान से लहराते तिरंगे के चित्र से चमकेगी, जबकि लाइब्रेरी की दीवार पर मां सरस्वती का विशालकाय चित्र बनेगा।
चित्रकला विभागाध्यक्ष डॉ. महेश चंद्र वार्ष्णेय का कहना है कि यह उनका प्रस्ताव है, जिससे प्राचार्य को अवगत करा दिया है। उन्होंने कहा कि चित्रकारी का मकसद नैक की तैयारियों के संदर्भ में महाविद्यालय के विद्यार्थियों को ज्ञानवर्धन, भारतीय धरोहर और सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराना है।
इसके बाद कॉलेज की सभी दीवारों पर एतिहासिक, सांस्कृतिक चित्र बनाए जाएंगे। यह चित्र कोई बाहरी चित्रकार नहीं, बल्कि स्टूडेंट बनाएंगे। प्राचार्य डॉ. गोपाल बाबू ने बताया कि चित्रकला विभागाध्यक्ष से प्रस्ताव मांगा है, जिसे प्रबंध समिति के पदाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा।