प्रो.मोहम्मद हनीफ बेग 1983 में एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर नियुक्त हुए। 1988 में रीडर एवं 1993 में प्रोफेसर बने। जेएन मेडिकल कॉलेज में 1988 में सर्वप्रथम ओपन हार्ट सर्जरी को अंजाम दिया था। प्रो. बेग के 160 से अधिक शोध पत्र देश विदेश के महत्वपूर्ण जर्नल्स में प्रकाशित हुए।
एएमयू के पूर्व सह कुलपति प्रोफेसर मोहम्मद हनीफ बेग का निधन हो गया, वह 69 साल के थे। उन्होंने बृहस्पतिवार की सुबह मुरादाबाद में अंतिम सांस ली। वह बीते कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उन्हें विश्वविद्यालय के कब्रिस्तान में सुपुर्दे-खाक किया गया।
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कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज ने कहा कि प्रो. बेग के परिवार और एएमयू समुदाय के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। कार्डियोथोरेसिक सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. आजम हसीन ने निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। प्रो. बेग के परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटी और दो बेटे हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति रह चुके प्रो. तारिक मंसूर ने मेडिसन संकाय के पूर्व अधिष्ठाता तथा कार्डियोथोरासिक एंड वेस्कुलर सर्जरी विभाग के अध्यक्ष प्रो. मोहम्मद हनीफ बेग को सह कुलपति नियुक्त किया था। प्रो. बेग ने 1976 में लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज (वर्तमान में यूनिवर्सिटी) से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की तथा 1980 तथा 1982 में पीजीआईएमईआर चंडीगढ़ से क्रमश: एमएस (सर्जरी) तथा एम सीएच (सीवीटीएस) की उपाधियां प्राप्त कीं थीं।
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वह 1983 में एएमयू के जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में लेक्चरर नियुक्त हुए। 1988 में रीडर एवं 1993 में प्रोफेसर बने। जेएन मेडिकल कॉलेज में 1988 में सर्वप्रथम ओपन हार्ट सर्जरी को अंजाम दिया था। प्रो. बेग के 160 से अधिक शोध पत्र देश विदेश के महत्वपूर्ण जर्नल्स में प्रकाशित हुए। वह भारत एवं विदेशों में 122 से अधिक कांफ्रेंस में भाग लिया। इसके साथ ही 44 पीजी छात्रों के शोध कार्यों का निर्देशन किया।