एएमयू के शिक्षकों ने विवि प्रशासन पर शिक्षा मंत्रालय को गुमराह करने का आरोप लगाया है। उन्हाेंने कहा कि पिछले दिनों ईसी और कोर्ट सदस्य के स्वरूप पर शिक्षा मंत्रालय के एतराज जताने की बात विवि प्रशासन ने कही थी। ऐसे में ईसी और कोर्ट सदस्य के चुनाव नहीं हो सकते।
सोमवार को शिक्षक अशरफ मतीन, डॉ. औबेद अहमद सिद्दीकी, डॉ. इशात मोहम्मद खान, डॉ. मोहम्मद अरशद बारी, डॉ. साद बिन जावेद, डॉ. मोहम्मद शारिक, डॉ. मुराद अहमद खान, डॉ. जमील अहमद ने पत्रकारों को बताया कि इंतजामिया अलीग समुदाय को अंधेरे में रखने में जुटा है। उन्होंने कहा कि एक साल पहले शिक्षा मंत्रालय को बताया गया था कि नए कुलपति के लिए पैनल बनाने के लिए कार्यकारी परिषद और कोर्ट सदस्य के पदों को भरना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
अब इंतजामिया ने यू टर्न ले लिया है। चुनाव न कराने पर विवि प्रशासन ने फिर से शिक्षा मंत्रालय पर दोष मढ़ने का बहाना लेकर आया है। सवाल उठता है कि अगर ऐसा है तो कोर्ट सदस्य के लिए डोनर्स श्रेणी के चुनाव कैसे हुए?