एएमयू में शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में उर्दू विभाग में पीएचडी प्रवेश के लिए एक भी सीट जारी नहीं की गई थी। उर्दू में शोध के लिए एक भी सीट न होने से विद्यार्थियों में बेचैनी थी। बुधवार को परीक्षा नियंत्रक ने उर्दू में पीएचडी की 10 सीटें निर्धारित कर दी हैं।
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के उर्दू विभाग में पीएचडी के लिए 10 सीटें आ गई हैं। पीएचडी में सीटें शून्य होने की खबर अमर उजाला में 26 जुलाई के अंक में प्रकाशित हुई थीं। शैक्षणिक वर्ष 2022-23 में उर्दू विभाग में पीएचडी प्रवेश के लिए एक भी सीट जारी नहीं की गई थी। उर्दू में शोध के लिए एक भी सीट न होने से विद्यार्थियों में बेचैनी थी।
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बुधवार को परीक्षा नियंत्रक ने उर्दू में पीएचडी की 10 सीटें निर्धारित कर दी हैं। 31 अगस्त 2023 तक आवेदन किए जा सकते हैं। विलंब शुल्क 300 रुपये के साथ 6 सितंबर 2023 तक आवेदन किए जाएंगे। भारतीय अभ्यर्थी के लिए 750 रुपये और विदेशी अभ्यर्थी के लिए 8200 रुपये प्रक्रिया शुल्क तय किया गया है। आवेदन में ऑनलाइन संशोधन 8 सितंबर से 12 सितंबर 2023 तक होंगे।
विभाग ने दिए सितारे
उर्दू विषय के छात्र अली सरदार जाफरी, कुर्रतुल ऐन हैदर और शहरयार को ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। पद्म भूषण प्रो. आले अहमद सुरूर व पद्मश्री प्रो. काजी अब्दुल सत्तार ने भी पढ़ाई की है और पढ़ाया भी है। विद्वान प्रो. रशीद अहमद सिद्दीकी, अली सरदार जाफरी, खुर्शीदुल इस्लाम, मुईन अहसन जज्बी, मजरूह सुल्तानपुरी, अख्तरुल ईमान, मजाज लखनवी आदि भी पढ़े हैं।